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यूपी: मारपीट मामले में कासगंज सदर से भाजपा विधायक को एक साल की सजा, एक लाख के मुचलके पर मिली जमानत

Tue, 31 Aug 2021 09:40 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कासगंज
अमर उजाला नेटवर्क, कासगंज Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 31 Aug 2021 09:40 PM IST
सार

भाजपा के सदर विधायक देवेंद्र सिंह राजपूत एवं उनके साथी आरोपी कौशल को कोर्ट ने दोषी पाया है। दोष सिद्ध होने के बाद सजा के प्रश्र पर सुनवाई के बाद एक वर्ष की सदाचार की परिवीक्षा पर रिहा किया गया है।

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BJP MLA from Kasganj Sadar sentenced to one year in assault case
भाजपा के सदर विधायक देवेंद्र सिंह राजपूत - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

भाजपा के सदर विधायक और एक अन्य को करीब 11 साल पुराने मारपीट के मामले में दोषी पाया गया है। दोष सिद्ध हो जाने के बाद सजा के प्रश्र पर सुनवाई के बाद एक वर्ष की सदाचार की परिवीक्षा पर रिहा किया गया है।
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भाजपा के सदर विधायक देवेंद्र सिंह राजपूत एवं उनके साथी आरोपी कौशल के खिलाफ अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 3 गगन कुमार भारती के न्यायालय में फैसला सुनाया गया। मारपीट का यह मामला 10 जनवरी 2010 को थाना नदरई में हुआ था। 
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पीड़ित चोखेलाल की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इस मामले में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल हुआ। मंगलवार को फैसला सुनाया गया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल यादव ने मामले को गंभीर बताते हुए सदर विधायक देवेंद्र राजपूत एवं उनके साथी कौशल को दोषी बताते हुए सजा की पैरवी की। इस मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलीलें दीं। 
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दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर जिला जज गगन कुमार भारती ने सदर विधायक देवेंद्र सिंह एवं कौशल को मामले में दोषी पाया। दोष सिद्ध होने पर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में लेने के निर्देश दिए। न्यायिक हिरासत के बाद इस मामले पर अपर जिला जज ने सजा के प्रश्र पर सुनवाई की। 

इस सुनवाई के बाद अपर जिला जज ने विधायक और उनके साथी को सदाचार की एक वर्ष की परिवीक्षा पर रिहा कर दिया। 1-1 लाख रुपये के व्यक्तिगत मुचलके 10 दिन के अंदर दाखिल करने के निर्देश के बाद रिहा करने के आदेश दिए। न्यायालय ने विधायक व उनके साथी आरोपी को निर्देशित करते हुए कहा कि वह अपने व्यवहार को सदासयता के साथ रखें। इसी के साथ ही पीड़ित पक्ष को 15-15 हजार रुपये देने के निर्देश दिए। 

भाजपा के सदर विधायक को मारपीट के 11 साल पुराने मामले में दोष सिद्ध पाए जाने की सूचना पर उनके समर्थक और भाजपाई जनपद न्यायालय पहुंच गए। समर्थकों और भाजपाइयों के बीच काफी गहमागहमी बनी रही। विधायक के न्यायिक हिरासत में लेने के बाद हर चेहरे पर शिकन देखी गई, लेकिन न्यायालय से सदाचार की परिवीक्षा पर रिहाई के आदेश मिलने के बाद चेहरे पर राहत देखी गई। 

फैसले के मामले को लेकर पुलिस प्रशासन भी काफी चौकन्ना रहा। न्यायालय परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। न्यायालय के द्वार पर पुलिसकर्मी तैनात थे। वहीं न्यायालय क्षेत्र के अन्य स्थानों पर भी पुलिस की तैनाती रही। भाजपा ही नहीं अन्य पार्टियों के नेताओं को जब इस मामले की जानकारी हुई तो वे भी फैसले पर निगाह बनाए रहे। लोग पूरे मामले को जानना चाह रहे थे। तमाम लोग अधिवक्ताओं को फोन करके इस मामले की पुष्टि कर रहे थे और पूरा मामला समझ रहे थे। 

सात दिन पहले बसपा के पूर्व विधायक को हुई थी सात साल की सजा
अपर जिला जज गगन कुमार भारती के द्वारा 7 दिन पूर्व 25 अगस्त को बसपा के पूर्व विधायक हसरत उल्ला खां शेरवानी को सात वर्ष की सजा सुनाई गई और उन्हें जेल भेजा गया। उसी दिन से सदर विधायक के खिलाफ चल रहे न्यायालय में मामले को लेकर चर्चाएं थीं। इस मामले में मंगलवार को फैसला आया।
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