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सीएए कानून पर विपक्ष बहका रहा जनता को

Wed, 01 Jan 2020 10:30 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jan 2020 10:30 PM IST
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bjp meeting on caa
01एमएनपी-38-देवी रोड पर आयोजित भाजपा की बैठक में मौजूद भाजपाई - फोटो : MAINPURI
करहल/भोगांव। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) किसी के अधिकारों को छीनने का कानून नहीं है। विभाजन के समय जो लोग पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में रह गए। वहां उन्हें धार्मिक आधार पर प्रताड़ित किया जा रहा है तो वे भारत में आकर नागरिकता ले सकते हैं। यही व्यवस्था इस कानून में है।
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यह बातें बुधवार को नानमई में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान ने पत्रकार वार्ता में कहीं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का आधार सिकुड़ गया है। विपक्षी दल इस कानून के बारे में लोगों को भ्रमित करने में जुटे हैं। भाजपा उनकी यह चाल कामयाब नहीं होने देगी। मैनपुरी में सपा का अभेद दुर्ग अब ढह चुका है। इससे पूर्व उन्होंने नानमई में जाहरवीर बाबा के मंदिर पर मत्था टेककर मंदिर महंत योगी पंकजनाथ का आर्शीवाद लिया।
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पूर्व विधायक मानिकचंद्र यादव, वीरेंद्र पांडेय, गौरव यादव, मोहम्मद आसिफ, सुश्रत यादव मौजूद रहे। जन जागरण अभियान के तहत राजपुर स्थित हनुमान मंदिर परिसर में पूर्व विधायक मानिकचंद्र यादव ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
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वहीं भोगांव में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान ने मक्खनपुर में भाजपा द्वारा कराए गए विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं की ग्रामीणों को जानकारी दी। अमन यादव, मंडल अध्यक्ष राजीव पांडेय, सुरेंद्र चौहान, विवेक दीक्षित, रूपेश वर्मा, शैलेंद्र राजपूत, विवेक राजपूत, दिलीप, रूपेश राजपूत, मुकेेश अग्निहोत्री, आस्तेंद्र गुप्ता, रामवीर सिंह, मौजूद रहे।
मैनपुरी/करहल। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) से देश की अखंडता को खतरा बताया। कानून बनाने से पहले सरकार को सभी राजनीतिक दलों से बातचीत करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने उन्हें विश्वास में नहीं लिया। यही कारण है कि आज पूरे देश में सीएए का विरोध हो रहा है।
वह बुधवार को कस्बे में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संशोधन कानून से देश की एकता और अखंडता को खतरा पैदा हो गया है। इसकी कोई जरूरत नहीं थी। लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपनी आवाज उठाने के लिए धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन देने का पूरा अधिकार है। उन्हें ऐसा करने से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करना है। लोकतंत्र में किसी की आवाज को सत्ता की दम पर दबाया नहीं जाना चाहिए।

अगर लोकतंत्र समाप्त हो जाएगा तो सरकार पूरी तरह तानाशाह हो जाएगी। सरकार की तानाशाही को रोकने के लिए लोकतंत्र का जिंदा रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकारें तो आती जाती रहती हैं, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था हमेशा मजबूत रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने फैसले पर एक बार फिर से विचार करना चाहिए।
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