Agra: 'नवीन आगरा' में काम न होने पर धरने पर बैठे भाजपा के पार्षद, आरोप- शिकायतें नहीं सुन रहे अफसर
आगरा में विकास कार्य न होने पर सत्ताधारी दल के पार्षदों को भी धरना देना पड़ रहा है। उनका कहना है कि अगर उनके वार्डों में समस्याएं दूर नहीं हुई तो वे लोगों के साथ नगर निगम का घेराव करेंगे।
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आगरा में साढ़े चार साल तक नवीन आगरा का दावा करने वाले नगर निगम के पार्षदों को अब विकास कार्य, सफाई, स्ट्रीट लाइट जैसे मुद्दों पर धरने पर बैठना पड़ रहा है। सत्ताधारी दल भाजपा के दो पार्षद सोमवार को नगर निगम में धरने पर बैठे, जबकि वह जिन जगहों के पार्षद हैं, वह मेयर नवीन जैन के कमला नगर स्थित घर के दाईं और बाईं ओर मौजूद हैं। दोनों वार्डों की बदहाली दूर न करने पर पार्षदों ने अफसरों के खिलाफ निगम परिसर में धरना दिया। विपक्षी दल के पार्षदों ने सत्ताधारी पार्षदों के धरने को नवीन आगरा की हकीकत बताया है।
बल्केश्वर के भाजपा पार्षद विमल गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में 40 से ज्यादा स्ट्रीट लाइटों के दो माह से बंद होने, सफाई व्यवस्था ठप होने, ग्रीन गैस द्वारा रोड कटिंग में सड़कों को बर्बाद करने और गड्ढों को न भरने पर नगर निगम अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए उन्होंने सोमवार को नगर निगम परिसर में नगर आयुक्त कार्यालय के गेट पर धरना दिया। शाम को जब नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ऑफिस आए तो उन्होंने पार्षद की समस्याएं दूर करने के लिए दो दिन का वक्त मांगा है। अगर दो दिन में समस्याएं दूर न हुईं, लोगों के साथ निगम का घेराव करेंगे।
भूड़ के बाग के पार्षद भी धरने पर बैठे
मेयर के करीबी और कमला नगर से सटे वार्ड 87 भूड़ के बाग के पार्षद रवि शर्मा को भी नगर निगम में धरना देना पड़ा। रवि शर्मा का आरोप है कि अधिशासी अभियंता ने जानबूझ कर उनके वार्ड में कार्य का टेंडर अपलोड नहीं किया। वह विकास कार्य मे बाधा बने हुए हैं।
नगर आयुक्त ने 456 टेंडरों को स्वीकृति दी थी, लेकिन अभियंता ने 455 का टेंडर अपलोड किया, सिर्फ उनके वार्ड का 8 लाख रुपये का टेंडर ही रोक दिया, जबकि उस कार्य की फाइल तैयार थी। यह अभियंता स्मार्ट सिटी कंपनी में कई गड़बड़ियों के जिम्मेदार रहे हैं, पर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई।