चुनावी इतिहास: 37 वर्षों से आगरा उत्तर विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा, लगातार 11 चुनावों में खिला कमल
भाजपा के लिए आगरा उत्तर विधानसभा सीट पर पहली बार जीत का परचम सत्यप्रकाश विकल ने फहराया था।विकल ने सात बार चुनाव लड़ा, जिसमें पांच बार उन्होंने जीत दर्ज की।
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वर्ष 2017 के चुनाव में बढ़कर यह 86,320 वोट तक हो गया। आगरा की यही एक सीट ऐसी है, जिस पर दो बार उपचुनाव हो चुका है। पहली बार पूर्व मंत्री सत्यप्रकाश विकल के वर्ष 1998 में निधन और दूसरी बार विधायक जगन प्रसाद गर्ग के वर्ष 2019 में निधन के बाद यहां उपचुनाव हुए। दोनों बार उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी ही जीते।
सात चुनाव लड़े, पांच बार विधायक बने विकल
भाजपा के लिए आगरा उत्तर विधानसभा सीट पर पहली बार जीत का परचम सत्यप्रकाश विकल ने फहराया था। प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रहे सत्य प्रकाश विकल ने इस सीट से सात बार चुनाव लड़ा। वह लगातार पांच बार विधायक रहे। उन्होंने सबसे पहले 1977 में निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन उसके बाद 1980 में भाजपा से वह प्रत्याशी बने। तब कांग्रेस के ओपी जिंदल ने उन्हें पांच हजार वोटों से हराया था।
भाजपा से पहले चुनाव में वह 20,894 वोट पाने में कामयाब रहे। उसके बाद 1985 के चुनाव में सत्यप्रकाश विकल ने चुनाव परिणाम पलट दिए। कांग्रेस प्रत्याशी सतीश चंद्र गुप्ता को 145 वोटों से हराया और फिर 1996 के चुनाव में 57.81 प्रतिशत वोट हासिल कर जीत का अंतर 24 हजार वोट तक कर दिया।
सात बार कांग्रेस, तीन बार बसपा मुख्य प्रतिद्धंद्वी
आगरा उत्तर विधानसभा सीट पर लगातार 11 बार भाजपा जीत दर्ज कर चुकी है। इनमें 7 बार कांग्रेस प्रत्याशी, तीन बार बसपा और एक बार सपा प्रत्याशी हार का सामना कर चुके हैं। मतदाताओं की संख्या में इजाफा होने के साथ ही यहां जीत का अंतर भी बढ़ता गया। वर्ष 1985 में कांग्रेस के प्रत्याशी को 24,264 वोट मिले थे, जबकि आखिरी बार मुकाबले में वर्ष 2002 में कांग्रेस प्रत्याशी को 17,766 वोट ही मिले।
उसके बाद वर्ष 2007 से बसपा मुकाबले में आ गई। बसपा प्रत्याशी को इस सीट पर अधिकतम 48,800 वोट मिल पाए हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 1,35,120 वोट तक मिले हैं। 86,320 वोटों का भारी अंतर पाटना इस सीट पर विरोधी दलों के लिए चुनौती है।
| चुनाव | जीते | वोट | दल | हारे | वोट | दल |
| 1985 | सत्यप्रकाश विकल | 24,409 | भाजपा | सतीश चंद्र गुप्ता | 24,264 | कांग्रेस |
| 1989 | सत्यप्रकाश विकल | 39,626 | भाजपा | सतीश चंद्र गुप्ता | 25,123 | कांग्रेस |
| 1991 | सत्यप्रकाश विकल | 46,337 | भाजपा | ओपी जिंदल | 21,787 | कांग्रेस |
| 1993 | सत्यप्रकाश विकल | 48,055 | भाजपा | ओपी जिंदल | 24,299 | कांग्रेस |
| 1996 | सत्यप्रकाश विकल | 42,533 | भाजपा | बांकेबिहारी अग्रवाल | 23,289 | कांग्रेस |
| 1998 | जगन प्रसाद गर्ग | - | भाजपा(उपचुनाव) | |||
| 2002 | जगन प्रसाद गर्ग | 30,515 | भाजपा | गोविंद अग्रवाल | 17,766 | कांग्रेस |
| 2007 | जगन प्रसाद गर्ग | 31,200 | भाजपा | सर्वप्रकाश कपूर | 22,937 | बसपा |
| 2012 | जगन प्रसाद गर्ग | 68,401 | भाजपा | राजेश अग्रवाल | 45,045 | बसपा |
| 2017 | जगन प्रसाद गर्ग | 1,35,120 | भाजपा | ज्ञानेंद्र गौतम | 48,800 | बसपा |
| 2019 | पुरुषोत्तम खंडेलवाल | 1,05,762 | भाजपा(उपचुनाव) | सूरज शर्मा | 45,731 | सपा |