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ब्रज के रंगों से सराबोर रहेगा अंतरराष्ट्रीय बर्ड फेस्टिवल

Fri, 27 Nov 2015 02:03 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा Updated Fri, 27 Nov 2015 02:03 AM IST
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 चार से छह दिसंबर तक चंबल सफारी जरार में आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय बर्ड फेस्टिवल ब्रज के रंगों से सराबोर रहेगा। देशी-विदेशी विशेषज्ञ ब्रज की फूलों की होली के लोकनृत्य पर झूमेंगे। हस्तकला प्रदर्शनी में फीरोजाबाद की चूड़ियों की खनक भी सुनाई देगी। चार दिसंबर को प्रदेश के सभी जिलों में बर्ड वाचिंग-डे मनाया जाएगा। यह जानकारी गुरुवार को बाह पहुंचे प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण संजीव शरण ने फेस्टिवल की तैयारियों की समीक्षा के बाद दी।
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अंतरराष्ट्रीय बर्ड फेस्टिवल का कार्यक्रम फाइनल हो गया है। प्रदेश के प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण संजीव शरण ने गुरुवार को बाह पहुंचकर तैयारियों की समीक्षा की। जिले के विभिन्न महकमों के अधिकारियों के सुझाव मांगे। लगभग दो घंटे चली बैठक में कमिश्नर प्रदीप भटनागर, डीएम पंकज कुमार, एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह, डीएफओ अनिल पटेल आदि मौजूद रहे। प्रमुख सचिव ने बताया कि देश के पहले बर्ड फेस्टिवल का उद्घाटन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव करेंगे।
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फेस्टिवल में 25 विदेशी और 50 देशी विशेषज्ञ शिरकत करेंगे। चार दिसंबर को ही ईको टूरिज्म की वैल्यू बढ़ाने के लिए बर्ड आफ यूपी की बुकलेट को लांच किया जाएगा। इसी दिन प्रदेश के 75 जिलों में बर्ड वाचिंग-डे मनाया जाएगा। इस दौरान ब्रज की धरोहर को भी विदेशी विशेषज्ञ देख सके इसका भी इंतजाम होगा। ब्रज में खेली जाने वाली फूलों की होली और अवध के लोकनृत्य का लुत्फ विदेशी मेहमान उठा सकेंगेे। हस्तकला को बढ़ावा देने के लिए आगरा और फीरोजाबाद की हस्त निर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी लगेगी।
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इंतजाम को लेकर अधिकारियों का छूटा पसीना
आगरा/बाह। बर्ड फेस्टिवल के इंतजाम के लिए विभिन्न महकमों के अधिकारियों का पसीना छूट रहा है। चंबल सफारी जरार में फेेस्टिवल की जिम्मेदारियों का निर्धारण प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण संजीव सरण ने किया। सीबीओ अजय सिन्हा देशी विदेशी विशेषज्ञों के कैंपों और फेस्टिवल स्थल की नियमित फागिंग कराएगें। डीएफओ अनिल पटेल को चंबल की पगडंडी पर बन रहे साइकिल ट्रैक को पूरा कराने के निर्देश दिए गए। नंदगांव घाट पर साइकिल से पहुंचने में पर्यटकों और विशेषज्ञों को दिक्कत नहीं होनी चाहिए। समीक्षा में खस्ताहाल सड़क का मसला भी उठा। पीडल्ब्यूडी के एक्सईएन को गड्डे भरने, निर्माणाधीन सड़क कोे समय से पहले पूरा कराने के निर्देश दिए। सीएमओ डा. बीएस यादव को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के साथ अलर्ट रहने को कहा गया। समीक्षा बैठक के बाद फेस्टिवल स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान कमिश्नर प्रदीप भटनागर, डीएम पंकज कुमार, एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह, चंबल सफारी के डायरेक्टर आरपी सिंह, एसपी पूर्वी अखिलेश नारायण सिंह, एसडीएम उमा शंकर, तहसीलदार कुमार संजय, सीओ अखिलेश भदौरिया आदि मौजूद रहे।

पक्षी विहार है कीठम, फेस्टिवल चंबल में!
आगरा। प्रदेश सरकार ने चार से छह दिसंबर तक इंटरनेशनल बर्ड फेस्टिवल मनाने का निर्णय लिया है। हैरत की बात यह है कि जिले में कीठम घोषित रूप बर्ड सेंक्च्यूरी है। इसकी अनदेखी कर फेस्टिवल चंबल सफारी में मनाया जा रहा है। इसके पीछे अधिकारियों के अपने तर्क हैं, लेकिन आम शहरी इसे कीठम की अनदेखी करार दे रहा है।
आगरा में पर्यटकों की घटती संख्या चिंता का विषय है। शहर में ऐसे विकल्प तलाशे जा रहे हैं, जिससे पर्यटक आएं और कम से कम एक रात जरूर ठहरें। इसके लिए कीठम, ताज नेचर वाक, चंबल सफारी, लाइन सफारी, बटेश्वर आदि स्थानों पर बड़े प्रोजेक्ट तैयार हो रहे हैं। कीठम के लिए बातें तो बड़ी-बड़ी होती हैं लेकिन प्रशासन लगातार इसकी अनदेखी कर रहा है। हैरत की बात है कि कीठम बर्ड सेंक्च्यूरी घोषित किया गया है।
यहां हर वर्ष सर्दियों में देशी और विदेशी पक्षियों का जमघट रहता है। साइबेरिया तक से पक्षी यहां आते हैं लेकिन जब बात बर्ड फेस्टिवल की आई तो उसका आयोजन किया जा रहा है चंबल सफारी में। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों की मानें तो एक लॉबी काम रही है जो चंबल सफारी और लाइन सफारी के प्रमोशन पर जोर दे रही है। जबकि कीठम इस मामले में पिछड़ रहा है। ऐसे फेस्टिवल कीठम में हों या इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेप किया जाए तो आगरा के लोगों को इसका लाभ मिले।
ऐसा नहीं कि बर्ड फेस्टिवल केवल चंबल सफारी में होगा। यह पहला प्रयोग है। कीठम में फिलहाल ठहरने की उचित की व्यवस्था नहीं है, इसलिए चंबल सफारी को चुना गया है।

पंकज कुमार, डीएम

चंबल सफारी बर्ड सेंक्च्यूरी नहीं है, लेकिन यहां भी गरीब 285 प्रजातियों के पक्षी आते हैं। यह शासन स्तर से लिया गया फैसला है, इसके संबंध में हम कुछ नहीं कह सकते हैं।
आरके शर्मा, रेंजर, चंबल सफारी
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