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UP: फर्जी असलहों के लाइसेंस का बड़ा खेल...नेशनल शूटर ने जांच रुकवाने के लिए नोटिस भेजा, पहुंच का दिया हवाला

Tue, 27 May 2025 09:41 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 27 May 2025 09:41 AM IST
सार

एसटीएफ ने जब फर्जी असलहों के लाइसेंस की जांच शुरू की, तो नेशनल शूटर ने अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भी भिजवा दिया। इसमें कोर्ट में वाद दर्ज कराने तक की चेतावनी दी।
 

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Big game of fake arms licenses National shooter sent notice to stop investigation, citing influence
मोहम्मद जैद खान और मोहम्मद अरशद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

फर्जी असलहों के लाइसेंस की जांच एसटीएफ के पास आते ही आरोपियों ने बचने की कोशिश भी शुरू कर दी। जांचकर्ता पर वरिष्ठ अधिकारियों से दबाव बनवाया। खिलाड़ी होने की भी बात कही। मगर, जांच नहीं रुक सकी। बाद में नेशनल शूटर अरशद ने अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भी भिजवा दिया। इसमें कोर्ट में वाद दर्ज कराने तक की चेतावनी दी। मगर, आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिल गए। केस दर्ज होने में 9 महीने लग गए।
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अधिवक्ता के माध्यम से भिजवाया नोटिस
आगरा एसटीएफ के निरीक्षक यतेंद्र शर्मा को जांच दी गई। उन्होंने एक-एक करके शस्त्र धारकों को बुलाना शुरू कर दिया। मोहम्मद जैद खान और मोहम्मद अरशद खिलाड़ी थे। वह कहने लगे कि उन्हें खेल के लिए शस्त्र मिलते हैं। मगर, जांचकर्ता ने एक नहीं सुनी। इस पर अरशद ने अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भिजवाया।

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खिलाड़ी ने लगाया उत्पीड़न का भी आरोप
इसमें आरोप लगाए कि खिलाड़ी का उत्पीड़न किया जा रहा है। इससे वह खेल पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। अन्य लोग भी अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते रहे। बाद में जांच में भी सहयोग नहीं किया। जांच में आरोपियों के पास जो असलहे मिले, वह विदेशी थे। वहीं लाइसेंस भी डुप्लीकेट बनवाए थे। असलहे कहां से खरीदे? इसकी किसी ने रसीद तक नहीं दिखाई। कलेक्ट्रेट स्थित असलहा लिपिक के कार्यालय में लाइसेंस के मूल दस्तावेज भी नहीं मिले।

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