फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Bhagwat communication rituals in the newly couples

भागवत ने किया नव दंपतियों में संस्कारों का संचार

Mon, 22 Aug 2016 01:31 AM IST
अमर उजाला आगरा
अमर उजाला आगरा Updated Mon, 22 Aug 2016 01:31 AM IST
विज्ञापन
Bhagwat communication rituals in the newly couples
माोहन भ्‍ाागवत - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो

विज्ञापन
वर्तमान में समाज में परिवर्तन की आवश्यकता है। मूल्यों पर आधारित समाज जब तक है, तब तक राष्ट्र रहेगा। यह कहना है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का।
वह रविवार को आरएसएस द्वारा आगरा कालेज खेल मैदान पर आयोजित युवा नव दंपति सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। नव दंपतियों को नई पीढ़ी में संस्कारों के संचार के लिए टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास सबसे पुराना है। जब हमने आंख खोली तब हम परम वैभव संपन्न राष्ट में थे। उन्होंने कहा कि सभ्यता समय के अनुसार बदलती रहती है लेकिन संस्कृति नहीं बदलनी चाहिए। एक बच्चे को संस्कारित करने की जिम्मेदारी परिवार की होती है। कहा कि अपनत्व की भावना समूह को समाज बनाती है। नव दंपतियों से आह्वान किया कि देश, काल और परिस्थिति के अनुसार सुसंगत समाज का निर्माण करें। बच्चों में दूसरों के जीने का भाव जाग्रत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को दिशा देने के लिए कुटुंब को मजबूत करना होगा और बच्चों को संस्कारों की शिक्षा देनी पड़ेगी। वर्तमान हालातों में नव दंपतियों से कहा कि यदि पूरा परिवार हर रोज एक साथ बैठकर भोजन नहीं कर सकता तो कम से कम सप्ताह में एक दिन जरूर साथ बैठें। इस दौरान सिनेमा, क्रिकेट और राजनीति पर चर्चा की बजाय बच्चों के साथ अपने पूर्वजों और संस्कारों की बात करें। क्षेत्रीय प्रमुख आलोक, प्रांत प्रचारक डा. हरीश, अशोक कुलश्रेष्ठ, पदम, मनमोहन निरंकारी, विजय गोयल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन


बालिकाओं को सक्षम बनाना होगा
संघ प्रमुख ने कहा, बालकों के साथ-साथ बालिकाओं को भी सक्षम बनाना होगा। महिलाओं को समाजसेवा में बढ़ाने में उनका उत्साहवर्धन करना होगा। पुरुषों को प्रबोधन की अधिक आवश्यकता होती है। महिलाओं का थोड़ा उत्साहवर्धन हो जाए तो वह काफी आगे बढ़ जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


परंपराओं की वजह से अर्थ व्यवस्था मजबूत
भागवत ने कहा कि परंपराओं की वजह से भारतीय अर्थ व्यवस्था मजबूत है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि विश्व में दो बार आर्थिक उथल-पुथल हुई। शेयर बाजार गिर गया। अपने यहां भी शेयर बाजार का असर तो पड़ा लेकिन लोगों के जीवन पर इसका कोई असर नहीं हुआ। क्योंकि प्रत्येक भारतीय परिवार अपने आप में अर्थशास्त्र की यूनिट है। आज भी यह व्यवस्था है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed