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ताज महोत्सव 2026: आगरा का हर बाजार धरोहर, यहां अनूठे हैं शिवालय; सहेजने और बचाने की जरूरत
Wed, 25 Feb 2026 09:53 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 25 Feb 2026 09:53 AM IST
सार
ताज महोत्सव के तहत आयोजित ‘आगरा बियॉन्ड ताज’ सेमिनार में वक्ताओं ने कहा कि आगरा के बाजार, गलियां और शिवालय भी पर्यटन की धरोहर हैं। सैलानियों को ताजमहल के साथ शहर की सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कराने पर जोर दिया गया।
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आगरा बियॉन्ड ताज
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
सिर्फ ताजमहल आगरा की पहचान नहीं है, बल्कि यहां का हर बाजार, हर गली, मोहल्ला धरोहर की तरह है, जिसे सहेजने, बचाने की जरूरत है। यहां के शिवालय अनूठे हैं और बटेश्वर मंदिर शृंखला न केवल धार्मिक पर्यटन, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक गांव के रूप में सैलानियों को रिझा रहा है। सैलानियों को ताज, किला, सीकरी के साथ शहर की गलियां, मोहल्ले, पुराने बाजार घुमाकर अनुभव कराएं।
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टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा, स्पीहा और यूपी टूरिज्म के एक होटल में आयोजित सेमिनार में मुख्य वक्ता दयालबाग एजूकेशनल इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. प्रेम कुमार कालरा ने कहा कि पर्यटन केवल घूमने तक सीमित नहीं है, बल्कि इतिहास, संस्कृति, सभ्यता और उपलब्धियों को अनुभव करने का माध्यम है। प्रो. रुपाली सत्संगी ने कहा कि कछपुरा में पत्थरों पर उकेरे गए अवशेष आज भी मुगलकालीन इतिहास की झलक देते हैं। यमुना नदी मुगलकालीन आगरा के विकास की आधारशिला रही है। पर्यटन विशेषज्ञ अरुण डंग ने मुगलकाल में हींग मंडी, पीपल मंडी, राजा की मंडी, सौंठ की मंडी, नाई की मंडी, नौलखा, घटिया आजम खां आदि बाजारों के बारे में बताया। जूता एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि आगरा में उद्योग और विरासत के बीच संतुलन स्थापित करना समय की मांग है।
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20 एकड़ जमीन ज्योतिर्लिंग के लिए देने का प्रस्ताव
कार्यक्रम के मंच पर चिकित्सक डॉ. डीवी शर्मा ने फतेहाबाद में अपनी 20 एकड़ जमीन को 12 ज्योतिर्लिंग के निर्माण के लिए देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि वह पर्यटन विभाग को 20 एकड़ भूमि में से 12 एकड़ पर ज्योतिर्लिंग निर्माण तथा 8 एकड़ विभाग को दान देने की पेशकश कर रहे हैं, जिससे लोग एक ही स्थान पर 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकें। इसके लिए उन्होंने विधायकों और सांसदों के पत्र के जरिए शासन तक संपर्क किया है। डॉ. शर्मा ने कहा कि बटेश्वर मंदिर शृंखला की तरह यह भी देश भर के लोगों को आकर्षित करेगा।
कार्यक्रम के मंच पर चिकित्सक डॉ. डीवी शर्मा ने फतेहाबाद में अपनी 20 एकड़ जमीन को 12 ज्योतिर्लिंग के निर्माण के लिए देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि वह पर्यटन विभाग को 20 एकड़ भूमि में से 12 एकड़ पर ज्योतिर्लिंग निर्माण तथा 8 एकड़ विभाग को दान देने की पेशकश कर रहे हैं, जिससे लोग एक ही स्थान पर 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकें। इसके लिए उन्होंने विधायकों और सांसदों के पत्र के जरिए शासन तक संपर्क किया है। डॉ. शर्मा ने कहा कि बटेश्वर मंदिर शृंखला की तरह यह भी देश भर के लोगों को आकर्षित करेगा।
आगरा सिर्फ चार घंटे का शहर नहीं
टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा के अध्यक्ष अमूल्य कक्कड़ ने कहा कि ताज और किला देखकर चार घंटे में पर्यटक चले जाते हैं। आगरा के बाजार, भवन और संस्कृति इसे बहुआयामी पर्यटन केंद्र बना सकते हैं। पूर्व अध्यक्ष राजीव सक्सेना, हरी सुकुमार, देवाशीष भौमिक, केशो मेहरा, डॉ. रुचिरा माथुर, रजनी नायर, डॉ. पंकज महेंद्रू, रिचा बंसल, राजेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा के अध्यक्ष अमूल्य कक्कड़ ने कहा कि ताज और किला देखकर चार घंटे में पर्यटक चले जाते हैं। आगरा के बाजार, भवन और संस्कृति इसे बहुआयामी पर्यटन केंद्र बना सकते हैं। पूर्व अध्यक्ष राजीव सक्सेना, हरी सुकुमार, देवाशीष भौमिक, केशो मेहरा, डॉ. रुचिरा माथुर, रजनी नायर, डॉ. पंकज महेंद्रू, रिचा बंसल, राजेश शर्मा आदि मौजूद रहे।