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मंडप से आगे शादियों का नया कारोबार: मिठाई, गिफ्ट और मनोरंजन पर करोड़ों खर्च, इन बिजनेस से हो जाएंगे मालामाल
Fri, 11 Sep 2026 10:03 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 11 Sep 2026 10:03 AM IST
सार
शादियां अब सिर्फ रस्मों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि मिठाई, गिफ्टिंग, कैटरिंग और मनोरंजन का बड़ा कारोबार बन गई हैं। वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सेमिनार में विशेषज्ञों ने बताया कि नई पीढ़ी फ्यूजन मिठाई, लाइव बैंड और भव्य एंट्री पर ज्यादा खर्च कर रही है।
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मंडप से आगे शादियों का नया कारोबार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
शादियां अब केवल रस्मों-रिवाज और परंपराओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मंडप से पार ये भी एक बड़े कारोबार में बदल चुका है। आज की शादियों में मेहमानों के स्वागत, रिटर्न गिफ्ट्स, भव्य मनोरंजन और मिठाइयों पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं। शादियों की इसी अर्थव्यवस्था पर बृहस्पतिवार को फतेहाबाद रोड स्थित होटल में वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने बियॉन्ड द मंडप: द बिजनेस ऑफ वेडिंग इकोनॉमी विषय पर सेमिनार में मंथन हुआ।
बदलते कारोबारी रुझानों पर विशेषज्ञों ने माना कि नई पीढ़ी (जेनजी) फ्यूजन मिठाइयों और भव्य मनोरंजन पर जोर दे रही है। स्वाद का व्यापार सत्र में कारोबारी संदीप अग्रवाल, अमित गोयल और जय अग्रवाल ने बताया कि नई पीढ़ी पारंपरिक के बजाय फ्यूजन मिठाइयों की ओर तेजी से आकर्षित हो रही है। बाजार में बने रहने के लिए कारोबारियों को ग्राहकों की इस नई मांग के अनुसार उत्पाद तैयार करने पड़ रहे हैं। हालांकि पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों में पारंपरिक स्वाद आज भी अपनी जगह मजबूती से बनाए हुए है।
सेमिनार में यह तथ्य उभरकर आया कि शादियों में अब बजट का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर एंटरटेनमेंट (मनोरंजन) इंडस्ट्री के पास जा रहा है। ग्राहक अब वेन्यू और केटरिंग से पहले एंटरटेनमेंट प्लान कर रहे हैं। हल्दी, मेहंदी और संगीत जैसे समारोहों में लाइव बैंड, फ्यूजन बैंड और फोक (लोक) डांस की भारी डिमांड है। इसके अलावा, दूल्हा-दुल्हन की भव्य एंट्री के लिए पेपर ब्लास्ट, सीओटू गैस, स्काई शॉट और कोल्ड अनार (आतिशबाजी) जैसे स्पेशल इफेक्ट्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है।
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चार पिलर्स पर टिका है शादियों का बाजार
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि आधुनिक भारतीय शादियों का पूरा कारोबार मुख्य रूप से चार स्तंभों पर टिका है। इनमें एंटरटेनमेंट, स्वाद (मिठाई/नमकीन), लग्जरी गिफ्टिंग और केटरिंग शामिल हैं। रिटर्न गिफ्ट्स लग्जरी का प्रतीक बन गए हैं।
दिग्गजों ने साझा किए कारोबारी अनुभव
इस दौरान हार्दिक अग्रवाल, दीप मोहन सिंह अनरेजा और सौरभ सिंघल आदि मौजूद रहे। संचालन आशीष अरोड़ा और ज्ञापन अनिल सविता ने दिया।
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बदलते कारोबारी रुझानों पर विशेषज्ञों ने माना कि नई पीढ़ी (जेनजी) फ्यूजन मिठाइयों और भव्य मनोरंजन पर जोर दे रही है। स्वाद का व्यापार सत्र में कारोबारी संदीप अग्रवाल, अमित गोयल और जय अग्रवाल ने बताया कि नई पीढ़ी पारंपरिक के बजाय फ्यूजन मिठाइयों की ओर तेजी से आकर्षित हो रही है। बाजार में बने रहने के लिए कारोबारियों को ग्राहकों की इस नई मांग के अनुसार उत्पाद तैयार करने पड़ रहे हैं। हालांकि पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों में पारंपरिक स्वाद आज भी अपनी जगह मजबूती से बनाए हुए है।
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सेमिनार में यह तथ्य उभरकर आया कि शादियों में अब बजट का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर एंटरटेनमेंट (मनोरंजन) इंडस्ट्री के पास जा रहा है। ग्राहक अब वेन्यू और केटरिंग से पहले एंटरटेनमेंट प्लान कर रहे हैं। हल्दी, मेहंदी और संगीत जैसे समारोहों में लाइव बैंड, फ्यूजन बैंड और फोक (लोक) डांस की भारी डिमांड है। इसके अलावा, दूल्हा-दुल्हन की भव्य एंट्री के लिए पेपर ब्लास्ट, सीओटू गैस, स्काई शॉट और कोल्ड अनार (आतिशबाजी) जैसे स्पेशल इफेक्ट्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है।
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चार पिलर्स पर टिका है शादियों का बाजार
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि आधुनिक भारतीय शादियों का पूरा कारोबार मुख्य रूप से चार स्तंभों पर टिका है। इनमें एंटरटेनमेंट, स्वाद (मिठाई/नमकीन), लग्जरी गिफ्टिंग और केटरिंग शामिल हैं। रिटर्न गिफ्ट्स लग्जरी का प्रतीक बन गए हैं।
दिग्गजों ने साझा किए कारोबारी अनुभव
इस दौरान हार्दिक अग्रवाल, दीप मोहन सिंह अनरेजा और सौरभ सिंघल आदि मौजूद रहे। संचालन आशीष अरोड़ा और ज्ञापन अनिल सविता ने दिया।