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चेक से पेमेंट करते हैं तो पढ़े ये खबर और हो जाएं सावधान
ब्यूरो/अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 10 Nov 2017 09:48 PM IST
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चेक
- फोटो : Demo Pic
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चेक बाउंस के एक मामले में अदालत ने व्यापारी पर 24 लाख का जुर्माना और एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। 138 एनआई एक्ट में सुनवाई करते हुए अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
मामला थाना कोतवाली के जमुना विहार कालोनी से जुड़ा हुआ है। इस कालोनी में रहने वाले प्रवीन कुमार शर्मा ने न्यायालय में एक परिवाद दायर किया था। परिवाद में कहा गया था कि कृष्णानगर में रोडवेज कालोनी निवासी तुलाराम शर्मा ने कारोबार के लेनदेन को लेकर 20 लाख का चेक दिया था।
चेक पंजाब नेशनल बैंक का था। चेक मिलने के बाद 12 सितंबर 2013 को भुगतान के लिए आईसीआईसीआई बैंक में लगाया। जिसे बैंक ने यह कहकर वापस कर दिया कि खाते में पैसा ही नहीं है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ अमित तिवारी की अदालत में दोनों पक्षों की ओर से अधिवक्ताओं ने बहस की।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 138 एनआई एक्ट में दोष सिद्ध होने पर तुलाराम शर्मा को एक वर्ष की जेल तथा 24.20 लाख का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास होगा। वादी की ओर से अधिवक्ता प्रकाश चंद अग्रवाल ने पैरवी की।
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मामला थाना कोतवाली के जमुना विहार कालोनी से जुड़ा हुआ है। इस कालोनी में रहने वाले प्रवीन कुमार शर्मा ने न्यायालय में एक परिवाद दायर किया था। परिवाद में कहा गया था कि कृष्णानगर में रोडवेज कालोनी निवासी तुलाराम शर्मा ने कारोबार के लेनदेन को लेकर 20 लाख का चेक दिया था।
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चेक पंजाब नेशनल बैंक का था। चेक मिलने के बाद 12 सितंबर 2013 को भुगतान के लिए आईसीआईसीआई बैंक में लगाया। जिसे बैंक ने यह कहकर वापस कर दिया कि खाते में पैसा ही नहीं है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ अमित तिवारी की अदालत में दोनों पक्षों की ओर से अधिवक्ताओं ने बहस की।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 138 एनआई एक्ट में दोष सिद्ध होने पर तुलाराम शर्मा को एक वर्ष की जेल तथा 24.20 लाख का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास होगा। वादी की ओर से अधिवक्ता प्रकाश चंद अग्रवाल ने पैरवी की।