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महापंचायत से पहले टकराव
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 17 Jan 2015 01:27 AM IST
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खंडपीठ आंदोलन की व्यापक रणनीति तय करने को लेकर शनिवार को होने वाली महापंचायत के पहले ही टकराव हो गया। दीवानी परिसर में आयोजन को लेकर न्यायिक प्रशासन की ओर से जब हाईकोर्ट की अनुमति के बाद पंचायत करने की सूचना मिली तो वकील आक्रोशित हो उठे। हंगामा शुरू हो गया। पुलिस फोर्स पहुंची तो वकीलों ने उसे बाहर निकाल दिया। बाद में संघर्ष समिति के संयोजक ने जिला जज से मुलाकात की तो उन्होंने हाईकोर्ट से अनुमति की बात दोहराई। इधर वकीलों का कहना रहा कि पंचायत हर हाल में होगी।
उच्च न्यायालय खंडपीठ संघर्ष समिति की ओर से शनिवार को दीवानी में 17 जिलों की महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। संघर्ष समिति एक पखवाड़े से तैयारी में जुटी है। शुक्रवार को तैयारियों को अंतिम रूप देने का काम चल रहा था। दीवानी के वाहन स्टैंड पर मंच और पंडाल लगाने का काम दोपहर से शुरू हुआ। इसकी जानकारी होने पर न्यायिक प्रशासन ने हाईकोर्ट द्वारा अनुमति न मिलने की बात कहकर काम रुकवाने की कोशिश की। रात्रि ड्यूटी में रहे न्याय विभाग के कर्मचारियों को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है कि पंडाल आदि का सामान अंदर कैसे आने दिया गया। इसकी जानकारी होने पर अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। उन्होंने दीवानी परिसर में हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर एडीएम (वित्त एवं राजस्व) राजकुमार, सीओ हरीपर्वत अशोक कुमार सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। इस पर वकीलों ने पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां रोक लीं। जमकर नारेबाजी की। कुछ अधिवक्ताओं ने दीवानी के गेट नंबर एक को बंद कर दिया। वी वांट हाईकोर्ट, पुलिस प्र्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। पुलिस की गाड़ियों को अंदर नहीं घुसने दिया।
इसके बाद संघर्ष समिति के पदाधिकारी जिला जज विजय प्रताप सिंह के चैंबर में मिलने पहुंचे। जिला जज ने वकीलों को बताया कि सम्मेलन स्थल की अनुमति के लिए हाईकोर्ट को लिखा है, लेकिन अभी अनुमति नहीं मिली है। इस पर संयोजक केडी शर्मा, विजय कुमार शर्मा, सुरेंद्र लाखन और अरविंद मिश्रा ने कहा कि इसके लिए अनुमति की जरूरत नहीं है। ये तो क्लब की जगह है और इसके पूर्व यहां कई आयोजन हो चुके हैं। जिला जज ने आश्वस्त किया कि वे प्रयास कर रहे हैं कि अनुमति मिल जाए, लेकिन हाईकोर्ट के बिना आदेश के असमर्थ हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि हम शांतिपूर्वक सम्मेलन कर रहे हैं, जिसमें 18 जिलों के अधिवक्ता और राजनीतिक प्रतिनिधि भाग लेने रणनीति बनाएंगे। सम्मेलन इसी जगह पर होगा, चाहे अनुमति मिले या नहीं मिले।
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उच्च न्यायालय खंडपीठ संघर्ष समिति की ओर से शनिवार को दीवानी में 17 जिलों की महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। संघर्ष समिति एक पखवाड़े से तैयारी में जुटी है। शुक्रवार को तैयारियों को अंतिम रूप देने का काम चल रहा था। दीवानी के वाहन स्टैंड पर मंच और पंडाल लगाने का काम दोपहर से शुरू हुआ। इसकी जानकारी होने पर न्यायिक प्रशासन ने हाईकोर्ट द्वारा अनुमति न मिलने की बात कहकर काम रुकवाने की कोशिश की। रात्रि ड्यूटी में रहे न्याय विभाग के कर्मचारियों को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है कि पंडाल आदि का सामान अंदर कैसे आने दिया गया। इसकी जानकारी होने पर अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। उन्होंने दीवानी परिसर में हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर एडीएम (वित्त एवं राजस्व) राजकुमार, सीओ हरीपर्वत अशोक कुमार सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। इस पर वकीलों ने पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां रोक लीं। जमकर नारेबाजी की। कुछ अधिवक्ताओं ने दीवानी के गेट नंबर एक को बंद कर दिया। वी वांट हाईकोर्ट, पुलिस प्र्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। पुलिस की गाड़ियों को अंदर नहीं घुसने दिया।
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इसके बाद संघर्ष समिति के पदाधिकारी जिला जज विजय प्रताप सिंह के चैंबर में मिलने पहुंचे। जिला जज ने वकीलों को बताया कि सम्मेलन स्थल की अनुमति के लिए हाईकोर्ट को लिखा है, लेकिन अभी अनुमति नहीं मिली है। इस पर संयोजक केडी शर्मा, विजय कुमार शर्मा, सुरेंद्र लाखन और अरविंद मिश्रा ने कहा कि इसके लिए अनुमति की जरूरत नहीं है। ये तो क्लब की जगह है और इसके पूर्व यहां कई आयोजन हो चुके हैं। जिला जज ने आश्वस्त किया कि वे प्रयास कर रहे हैं कि अनुमति मिल जाए, लेकिन हाईकोर्ट के बिना आदेश के असमर्थ हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि हम शांतिपूर्वक सम्मेलन कर रहे हैं, जिसमें 18 जिलों के अधिवक्ता और राजनीतिक प्रतिनिधि भाग लेने रणनीति बनाएंगे। सम्मेलन इसी जगह पर होगा, चाहे अनुमति मिले या नहीं मिले।
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