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तीर्थस्थलों पर मंडरा रहा खतरा ! मथुरा, काशी, अयोध्या में वेश बदलकर रह रहे ये लोग
पुनीत शर्मा, अमर उजाला, मथुरा
Updated Fri, 14 Sep 2018 10:03 AM IST
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वृंदावन में पकड़े गए दो बांग्लादेशी नागरिक
- फोटो : अमर उजाला
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देश के बड़े धार्मिक शहर मथुरा, काशी, अयोध्या, हरिद्वार और ऋषिकेश में बांग्लादेशी वेश बदलकर रह रहे हैं। वृंदावन में दो बांग्लादेशी युवकों की गिरफ्तारी के बाद इसका खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने बांग्लादेशियों से तीर्थस्थलों की सुरक्षा को भी खतरा बताया है।
धर्मनगरी वृंदावन में लंबे समय से दो बांग्लादेशी युवक संत का वेश धारण करके रह रहे थे। खुफिया एजेंसियों ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। यह दोनों बांग्लादेश में कुमिल्ला जिले के रहने वाले हैं। इन दोनों से पूछताछ एजेंसियों को पता चला है कि मथुरा के साथ ही काशी-अयोध्या और हरिद्वार में भी बांग्लादेशी रह रहे हैं।
बताया जाता है खुफिया एजेंसियों से बचने के लिए इन्होंने अपना चोला बदल लिया है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि राष्ट्र विरोधी गतिविधि में भी यह लोग शामिल हो सकते हैं। किसी ने साधु का चोला धारण कर रखा है तो तमाम ने अपने नाम तक बदल लिए हैं।
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धर्मनगरी वृंदावन में लंबे समय से दो बांग्लादेशी युवक संत का वेश धारण करके रह रहे थे। खुफिया एजेंसियों ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। यह दोनों बांग्लादेश में कुमिल्ला जिले के रहने वाले हैं। इन दोनों से पूछताछ एजेंसियों को पता चला है कि मथुरा के साथ ही काशी-अयोध्या और हरिद्वार में भी बांग्लादेशी रह रहे हैं।
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बताया जाता है खुफिया एजेंसियों से बचने के लिए इन्होंने अपना चोला बदल लिया है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि राष्ट्र विरोधी गतिविधि में भी यह लोग शामिल हो सकते हैं। किसी ने साधु का चोला धारण कर रखा है तो तमाम ने अपने नाम तक बदल लिए हैं।
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इन लोगों ने भारतीय संस्कृति के हिसाब से अपने और बच्चों के नाम रख रखे हैं। क्योंकि एक लंबा समय हो गया है लिहाजा आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड और वोटर लिस्ट तक में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
वृंदावन में पकड़े गए दोनों बांग्लादेशियों के पास भी आधार कार्ड मिला है। बैंक की पासबुक तक है। एटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि जहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आनाजाना ज्यादा रहता है वहां यह लोग आसानी से छुप जाते हैं। जैसा जहां का रंग होता है खुद को उसी तरह से ढाल लेते हैं।
मंदिर या फिर दूसरे धार्मिक स्थलों के आसपास कोई काम पकड़ लेते हैं या फिर फड़ लगाने लगते हैं और उसी से अपना गुजारा करते हैं। अब इन सभी धार्मिक शहरों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर इन बांग्लादेशियों की तलाश की जाएगी। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क खंगाल रहीं हैं।
वृंदावन में पकड़े गए दोनों बांग्लादेशियों के पास भी आधार कार्ड मिला है। बैंक की पासबुक तक है। एटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि जहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आनाजाना ज्यादा रहता है वहां यह लोग आसानी से छुप जाते हैं। जैसा जहां का रंग होता है खुद को उसी तरह से ढाल लेते हैं।
मंदिर या फिर दूसरे धार्मिक स्थलों के आसपास कोई काम पकड़ लेते हैं या फिर फड़ लगाने लगते हैं और उसी से अपना गुजारा करते हैं। अब इन सभी धार्मिक शहरों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर इन बांग्लादेशियों की तलाश की जाएगी। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क खंगाल रहीं हैं।