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बजट: मैनपुरी की खाली रह गई झोली
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शहर में एक कोचिंग सेंटर पर बजट देखतीं युवतियां
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बजट पेश किया। बजट में इस बार भी मैनपुरी की झोली खाली रह गई। जिले को सीधे तौर पर बजट में कुछ नहीं मिला। इससे लोग मायूस नजर आए।
मैनपुरी कृषि प्रधान जिला है। वर्षों से यहां के किसान और युवा आलू और लहसुन आधारित उद्योग लगाने की मांग करते आ रहे हैं, इस वर्ष भी लोगों की यह मांग पूरी नहीं हुई। मैनपुरी की झोली में इस बार भी औद्योगिक इकाई नहीं आई। इसके साथ ही बजट में रेल सुविधाएं में विस्तार की भी चर्चा नहीं हुई। न ही केंद्रीय विद्यालय की सौगात जिले को मिली। डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ने से नागरिकों को निराशा हाथ लगी।
महंगी होगी फसलों की सिंचाई
मैनपुरी में साढ़े तीन लाख के करीब किसान हैं। वहीं खेती का रकबा करीब दो लाख हेक्टेयर के है। आज भी बड़ी संख्या में किसान डीजल इंजन से फसलों की सिंचाई करते हैं। डीजल पर उपकर लगने से सिंचाई महंगी होगी। कहीं न कहीं इसका असर जिले के साढ़े तीन लाख किसानों पर पड़ेगा।
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2.60 लाख वाहन स्वामियों पर पड़ेगा अतिरिक्त भार
वित्त मंत्री ने पेट्रोल पर प्रति लीटर 2.5 रुपये और डीजल पर चार रुपये प्रति लीटर सेस (उपकर) लगाने की घोषणा की। जिले में इसका सीधा असर 2.60 लाख वाहन स्वामियों पर पड़ेगा। इसके साथ ही माल ढुलाई महंगी होने से महंगाई भी बढ़ेगी।
कोई बदलाव नहीं किया
वित्त मंत्री ने सधा हुआ बजट पेश किया है। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ना तय है। क्योंकि मालभाड़ा डीजल के दाम पर ही निर्भर करता है।
-रामजीलाल गोस्वामी, सीए
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मैनपुरी कृषि प्रधान जिला है। वर्षों से यहां के किसान और युवा आलू और लहसुन आधारित उद्योग लगाने की मांग करते आ रहे हैं, इस वर्ष भी लोगों की यह मांग पूरी नहीं हुई। मैनपुरी की झोली में इस बार भी औद्योगिक इकाई नहीं आई। इसके साथ ही बजट में रेल सुविधाएं में विस्तार की भी चर्चा नहीं हुई। न ही केंद्रीय विद्यालय की सौगात जिले को मिली। डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ने से नागरिकों को निराशा हाथ लगी।
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महंगी होगी फसलों की सिंचाई
मैनपुरी में साढ़े तीन लाख के करीब किसान हैं। वहीं खेती का रकबा करीब दो लाख हेक्टेयर के है। आज भी बड़ी संख्या में किसान डीजल इंजन से फसलों की सिंचाई करते हैं। डीजल पर उपकर लगने से सिंचाई महंगी होगी। कहीं न कहीं इसका असर जिले के साढ़े तीन लाख किसानों पर पड़ेगा।
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2.60 लाख वाहन स्वामियों पर पड़ेगा अतिरिक्त भार
वित्त मंत्री ने पेट्रोल पर प्रति लीटर 2.5 रुपये और डीजल पर चार रुपये प्रति लीटर सेस (उपकर) लगाने की घोषणा की। जिले में इसका सीधा असर 2.60 लाख वाहन स्वामियों पर पड़ेगा। इसके साथ ही माल ढुलाई महंगी होने से महंगाई भी बढ़ेगी।
कोई बदलाव नहीं किया
वित्त मंत्री ने सधा हुआ बजट पेश किया है। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ना तय है। क्योंकि मालभाड़ा डीजल के दाम पर ही निर्भर करता है।
-रामजीलाल गोस्वामी, सीए