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Agra News: गैंगस्टर एक्ट के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
Tue, 18 Nov 2025 11:44 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 18 Nov 2025 11:44 PM IST
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कासगंज। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुतोष कुमार शर्मा की कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के आरोपी शिव कुमार की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। विशेष लोक अभियोजक ने दलील दी कि आरोपी अंतरजनपदीय गिरोह का सदस्य है जो आर्थिक लाभ के लिए अपराध करता है।
संभल जिले के थाना जुनावई के गांव भाबरू की मढैया निवासी शिव कुमार को गैंगस्टर एक्ट के तहत 15 सितंबर को जेल भेजा गया था। पुलिस के मुताबिक उस पर लूट, चोरी, अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री और जान से मारने की नीयत से हमला करने जैसे गंभीर अपराधों के आरोप हैं। उसने इस मामले में जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी।
सुनवाई के दाैरान उसके वकील ने कोर्ट में कहा कि राजनीतिक रंजिश के कारण शिव कुमार को झूठा फंसाया गया है। गैंग चार्ट में दर्शाए गए कृत्य यह पुष्टि नहीं करते कि उसने जनता में भय पैदा किया हो। मामले में विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी एक अंतरजनपदीय गिरोह का सदस्य है और आर्थिक लाभ के लिए अपराध करता है। आरोपी जमानत पर छूटने पर दोबारा अपराधों में संलिप्त हो सकता है। इस मामले में उसके साथी की भी जमानत याचिका सत्र न्यायालय ने पहले निरस्त कर दी थी। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने आरोपी शिव कुमार की जमानत याचिका को निरस्त करने का आदेश दिया।
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संभल जिले के थाना जुनावई के गांव भाबरू की मढैया निवासी शिव कुमार को गैंगस्टर एक्ट के तहत 15 सितंबर को जेल भेजा गया था। पुलिस के मुताबिक उस पर लूट, चोरी, अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री और जान से मारने की नीयत से हमला करने जैसे गंभीर अपराधों के आरोप हैं। उसने इस मामले में जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी।
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सुनवाई के दाैरान उसके वकील ने कोर्ट में कहा कि राजनीतिक रंजिश के कारण शिव कुमार को झूठा फंसाया गया है। गैंग चार्ट में दर्शाए गए कृत्य यह पुष्टि नहीं करते कि उसने जनता में भय पैदा किया हो। मामले में विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी एक अंतरजनपदीय गिरोह का सदस्य है और आर्थिक लाभ के लिए अपराध करता है। आरोपी जमानत पर छूटने पर दोबारा अपराधों में संलिप्त हो सकता है। इस मामले में उसके साथी की भी जमानत याचिका सत्र न्यायालय ने पहले निरस्त कर दी थी। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने आरोपी शिव कुमार की जमानत याचिका को निरस्त करने का आदेश दिया।
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