Ayodhya Ram Mandir: जगनेर में तराशे पत्थरों से बनेंगे राम मंदिर के कक्ष, जानिए क्या है इनकी खासियत
राजस्थान के बयाना तहसील के बंसी पहाड़पुर क्षेत्र से लाए जा रहे विशेष क्वालिटी के पत्थरों को यहां तराशकर अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के लिए भेजा जा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की तैयारियां देशभर में चल रही हैं। हर कोई इसमें गिलहरी जैसा अपना योगदान देना चाहता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसके लिए पत्थरों को तराशने और उसे भव्य आकार देने का काम हो रहा है। आगरा के जगनेर क्षेत्र में स्थित नगला कमाल, अएला समेत आसपास के गांव के दर्जनों लोग दिन-रात पत्थरों को तराशने में जुटे हैं।
तराशने में लगे ओमवीर ने बताया कि राजस्थान के बयाना तहसील के बंसी पहाड़पुर क्षेत्र से लाए जा रहे विशेष क्वालिटी के पत्थरों को यहां तराशकर अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के लिए भेजा जाता है। मजदूर मुकेश ने बताया कि बयाना के पत्थरों का प्रयोग विशेष महल, किले या स्मारक को बनाने में होता है।
ये भी पढ़ें - UP: 30 हजार फीट ऊंचाई से दुश्मन की सीमा पर उतरेंगे जवान, ' हंस ' पैराशूट का सफल परीक्षण; ये हैं विशेषताएं
मजबूती और सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है पत्थर
ओमवीर ने बताया कि बंशी पहाड़पुर के पत्थर की खासियत मजबूती और उसकी सुंदरता है। इसमें अन्य पत्थरों के मुकाबले अधिक भार सहने की क्षमता होती है। इसमें आसानी से पच्चीकारी हो सकती है। संसद, लालकिला, बुलंद दरवाजा, अक्षरधाम और इस्कान के अधिकांश मंदिरों में बंशी पहाड़पुर का पत्थर लगा है। इस पत्थर में रुनी यानी स्टोन कैंसर नहीं होता।