Ayodhya Ram Mandir: राममंदिर के भूमि पूजन के लिए गिरिराज तलहटी की गोशाला से भेजी गई गोरज
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अयोध्या में राममंदिर के भूमि पूजन के लिए गो संवर्धन के केंद्र गिरिराज जी की तलहटी (गोवर्धन) से गोरज भेजी गई है। इससे पहले शनिवार को समर्पण गोशाला में गोरज की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। समर्पण गोशाला के संस्थापक संजीव कृष्ण ठाकुर ने कहा श्रीराम संपूर्ण विश्व के नायक हैं और यह मंदिर सनातन धर्म की पुन: स्थापना का केंद्र और स्थल बनेगा।
महामंडलेश्वर डॉ. सांवरिया बाबा ने कहा कि जिस तस्वीर को देखने के लिए सनातन धर्म के लोगों की आंखें तरस रही थीं, वो अब साकार होने जा रही है। अयोध्या की इच्छा तो पूरी हुई अब मथुरा और काशी की बारी है। गोरज पूजन के दौरान महामंडलेश्वर डॉ. सांवरिया बाबा, नागेंद्र गौड़, आनंद बल्लभ गोस्वामी, विमल चैतन्य ब्रह्मचारी, पुरुषोत्तम तुलसी, सतीश पाराशर आदि मौजूद रहे।
नृत्यगोपाल दास के गांव के लोगों ने भेजे 55 हजार रुपये
श्रीराम जन्मभूमि के महंत नृत्यगोपाल दास की जन्मस्थली गांव करहैला के लोगों ने राममंदिर निर्माण के लिए 55 हजार रुपये इकट्ठा किए हैं। इसे लेकर गांव के कुछ लोग अयोध्या रवाना हो गए हैं। वे इस धनराशि को मंदिर निर्माण के लिए महंत नृत्यगोपाल दास को सौंपेंगे। पांच अगस्त को अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन होने वाला है।
दीपोत्सव की तैयारी में जुटे ब्रजवासी
वृंदावन की सनातन संस्कार धाम आनंद वाटिका में ब्रजभूमि कल्याण परिषद की विशेष बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहारीलाल वशिष्ठ की अध्यक्षता में श्रीराम जन्मभूमि पूजन को लेकर हुई। इसमें भूमि पूजन के दिन दीप महोत्सव मनाए जाने पर चिंतन किया गया।
परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर पूजन को लेकर संपूर्ण ब्रज मंडल में अपार उत्साह है। भूमि पूजन की रात में ब्रज मंडल में बृज भूमि कल्याण परिषद के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं द्वारा दीप प्रज्ज्वलन महोत्सव मनाएंगे।
गोकुल चंद गोस्वामी एवं अन्य उपस्थित सभी जनों ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पूजन का विभिन्न कारण दर्शाकर विरोध करने वाले लोगों को भारत में रहने का अधिकार नहीं है। भूमि पूजन के नाम पर जो लोग, राजनीतिक दल भगवान श्रीराम के विरोध करते हैं, उनको भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र के बारे में कुछ भी पता नहीं है।