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जो काम औरंगजेब ने किया था, वही मोदी सरकार कर रही है: अविमुक्तेश्वरानंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:38 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अविमुक्तेश्वरानंद का बयान
- फोटो : अमर उजाला
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ज्योतिष पीठाधीश्वर एवं द्वारिका पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य दंडीस्वामी अविमुक्तेश्वरनांद सरस्वती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी का स्वरूप बिगाड़ रहे हैं। काशी पौराणिक नगरी है, उसे सांस्कृतिक नगरी बताकर प्रचारित किया जा रहा है।
मंदिरों को तोड़कर मूर्तियों को टुकड़े करने का जो काम औरंगजेब ने किया था, वही कार्य मोदी सरकार कर रही है। आधुनिकता और विकास के नाम पर काशी का स्वरूप बिगाड़ा जा रहा है। इससे काशी की जनता में रोष है।
आगरा में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की शिष्या डॉ. दीपिका उपाध्याय के यहां अल्प प्रवास के दौरान दंडीस्वामी ने तीन तलाक के मुद्दे पर कहा कि जब हम किसी धर्म को मान्यता दे रहे हैं तो उस धर्म की मान्यताओं को भी स्वीकार करना होगा। संविधान लोक के लिए है, परलोक के नहीं है। धर्म के क्षेत्र में धर्माचार्यों और धर्मशास्त्रों को ही प्रमाण मानना चाहिए।
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मंदिरों को तोड़कर मूर्तियों को टुकड़े करने का जो काम औरंगजेब ने किया था, वही कार्य मोदी सरकार कर रही है। आधुनिकता और विकास के नाम पर काशी का स्वरूप बिगाड़ा जा रहा है। इससे काशी की जनता में रोष है।
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आगरा में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की शिष्या डॉ. दीपिका उपाध्याय के यहां अल्प प्रवास के दौरान दंडीस्वामी ने तीन तलाक के मुद्दे पर कहा कि जब हम किसी धर्म को मान्यता दे रहे हैं तो उस धर्म की मान्यताओं को भी स्वीकार करना होगा। संविधान लोक के लिए है, परलोक के नहीं है। धर्म के क्षेत्र में धर्माचार्यों और धर्मशास्त्रों को ही प्रमाण मानना चाहिए।
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'परंपराओं से छेड़छाड़ गलत'
सबरीमाला मंदिर के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि नारी का सम्मान होना चाहिए। मैं भी नारी का सम्मान करता हूं लेकिन हजारों वर्षों से चले आ रहे नियमों को छेड़ना गलत है। किसी भी संस्था के बनते समय उसके नियम निर्धारित हो जाते हैं तो यदि मंदिर में प्रवेश वर्जित है तो उसे मानना चाहिए।
एससी/एसटी के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह समाज को बांटने की गहरी साजिश है। समाज को प्रतिभाहीन किया जा रहा है। आरक्षण जब लागू किया गया था तब इसकी वास्तव में आवश्यकता थी लेकिन अब नहीं। देश में एक कानून होना चाहिए।
लोकतंत्र की रक्षा कैसे होगी इस सरकार में
दंडीस्वामी ने मोदी सरकार पर जमकर हमले किए। उन्होंने कहा कि जिस सरकार में काले कपड़े पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया जाए, उस सरकार में लोकतंत्र की रक्षा कैसे होगी। कटाक्ष किया कि अब तो डर लगता है कि कहीं ऐसा आदेश न आ जाए कि जिस शहर का प्रधानमंत्री दौरा करेंगे, वहां के लोगों को अपने बालों को सफेद रंग रंगवाना होगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार धर्म के मर्म को समझ नहीं रही है। उन्होंने कहा कि स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती धर्म संसद का गठन कर रहे हैं। पूरे देश के संसदीय क्षेत्र में एक सनातन धर्म सांसद मनोनीत किया जाएगा। धर्म संसद का अधिवेशन काशी में 25 से 27 नवंबर को किया जाएगा।
एससी/एसटी के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह समाज को बांटने की गहरी साजिश है। समाज को प्रतिभाहीन किया जा रहा है। आरक्षण जब लागू किया गया था तब इसकी वास्तव में आवश्यकता थी लेकिन अब नहीं। देश में एक कानून होना चाहिए।
लोकतंत्र की रक्षा कैसे होगी इस सरकार में
दंडीस्वामी ने मोदी सरकार पर जमकर हमले किए। उन्होंने कहा कि जिस सरकार में काले कपड़े पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया जाए, उस सरकार में लोकतंत्र की रक्षा कैसे होगी। कटाक्ष किया कि अब तो डर लगता है कि कहीं ऐसा आदेश न आ जाए कि जिस शहर का प्रधानमंत्री दौरा करेंगे, वहां के लोगों को अपने बालों को सफेद रंग रंगवाना होगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार धर्म के मर्म को समझ नहीं रही है। उन्होंने कहा कि स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती धर्म संसद का गठन कर रहे हैं। पूरे देश के संसदीय क्षेत्र में एक सनातन धर्म सांसद मनोनीत किया जाएगा। धर्म संसद का अधिवेशन काशी में 25 से 27 नवंबर को किया जाएगा।