अशद को लेकर नया खुलासा: घर बना मां-बेटियों का कैदखाना... पत्नी भी दो माह में छोड़ गई; पड़ोसियों ने दिया ये नाम
Lucknow Murder Case News: बदरुद्दीन मोहल्ले में दिल्ली वालों के नाम से जाने जाते हैं। इसकी वजह उनका परिवार करीब 15 साल पहले दिल्ली से आगरा आया था।
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इस्लाम नगर के अशद ने मां और 4 बहनों की हत्या यूं ही नहीं की। मोहल्ले वाले उसे सिरफिरा कहते हैं। लोगों ने दावा किया कि उसने घर को बहनों के लिए कैदखाना बना दिया था। घर से निकलने पर उनसे मारपीट करता था। रोजाना पड़ोसी बहनों से मारपीट की आवाज सुना करते थे। वह खुद भी पड़ोसियों से बात नहीं करता था। कई बार कहासुनी करने लगता था। इस कारण कोई उससे बोलता नहीं था। लखनऊ में हत्याकांड की जानकारी के बाद उसके घर के बाहर लोगों की भीड़ लग गई। लोग यही कह रहे थे कि अशद सिरफिरा था। उसने सनक में पिता के साथ मिलकर अपना परिवार मिटा दिया।
बदरुद्दीन मोहल्ले में दिल्ली वालों के नाम से जाने जाते हैं। इसकी वजह उनका परिवार करीब 15 साल पहले दिल्ली से आगरा आया था। दिल्ली में वह किसी फैक्टरी में काम करता था। किसी बात पर नौकरी चली गई। इस पर आगरा आ गए। इस्लाम नगर में ही किराए के मकान में रहते थे। बाद में यहीं पर 100 गज का एक प्लाट खरीद लिया। इसमें 1 कमरा बनाकर पूरा परिवार रह रहा था। फरवरी 2024 में उसमें से 50 गज जमीन घर के सामने रहने वाले अलीम को बेच दी।
इसके लिए दो बार में रकम ली थी। 50 गज में अपना पक्का दो मंजिला मकान बना लिया। एक दुकान भी बना ली। इसमें सामान बेचना शुरू कर दिया। बगल में पड़ाेसी आफताब की दुकान है। मोहल्ले में रहने वाले साहिल ने बताया कि मोहम्मद बदर अपने पत्नी और बेटियों को पीटा करता था। यही काम अशद भी करता था। मां अस्मा और बेटियों को घर से बाहर नहीं निकलने देता था। साहिल का कहना था कि पिता-पुत्र दोनों सनकी हैं। इस कारण उनसे कोई बात नहीं करता था।
नहीं रखते थे किसी से नाता
लोगों ने बताया कि बदर और अशद को मोहल्ले के किसी व्यक्ति से कोई लेना-देना नहीं था। अगर, कोई बात करता था उल्टा ही जवाब देते थे। कोई यह नहीं जानता है कि वह ऐसा व्यवहार क्यों कर रहे हैं। इस कारण बस्ती के लोग भी उनसे कोई मतलब नहीं रखते थे। वह किसी को अपने घर भी नहीं बुलाते थे। अस्मा कभीकभार पड़ोसियों को अपना दुख बताया करती थीं। पड़ोस में रहने वाले इब्राहिम की पत्नी ने बताया कि अस्मा परेशान रहती थीं। वह कई बार अपना दर्द बताती थीं। मगर, ज्यादा नहीं बोलती थीं। बेटियां भी घर से कभीकभार ही निकलती थीं।
2 महीने में ही ससुराल से चली गई थी बहू, ले लिया तलाक
28 जुलाई 2019 को अशद का निकाह हुआ था। बस्ती में रहने वाली कासमा ने बताया कि मोहल्ले में ही अशद के परिवार से जान पहचान हुई थी। उन्होंने अपनी बेटी चांदनी के निकाह के लिए बात की। बदरुददीन तैयार हो गए। इस पर निकाह कर दिया। निकाह में बदरुददीन के अलावा कुछ पड़ोसी ही आए थे। तब उन्होंने रिश्तेदारों के बारे में कुछ नहीं बताया। बेटी को घर जाने पर पिता-पुत्र का व्यवहार अच्छा नहीं लगा। अशद चांदनी से मारपीट करता था। उसकी सास भी अपने पति की हरकत से खुश नहीं थी। वह गलत तरीके से बेटी से व्यवहार किया करता था। इस बारे में चांदनी ने सास को बताया। तब उन्होंने कहा था कि अगर, जान बचानी है तो वह घर छोड़कर चली जाए। इस पर वो दो महीने बाद ही ससुराल से वापस मायके आ गई। वह लाैटकर नहीं गई। बाद में दो साल पहले तलाक ले लिया। अब बेटी का दूसरा निकाह करा दिया।