Agra News: फिर आफत को आमंत्रण, कागजों में कोरोना नियंत्रण, प्रशासन की अनदेखी पड़ सकती है भारी
पिछले एक महीने से शहर में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। जांच के नाम पर रस्मअदायगी हो रही है। लोग भी मास्क और उचित दूरी को भूल गए हैं।
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चीन और जापान में कहर बरपा रहे कोरोना वायरस की रविवार को फिर आगरा में दस्तक हो गई है। रोकथाम को प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किए। लापरवाही से फिर आफत को आमंत्रण मिल रहा है। कागजों में कोरोना नियंत्रण हो रहा है। कन्टेंमेंट जोन से लेकर सैनिटाइजेशन बंद है। पर्याप्त सैंपलिंग भी नहीं हो रही। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की इस अनदेखी से एक बार फिर हालात बिगड़ने की आशंका है।
चीन से लौटे युवक में कोरोना की पुष्टि
चीन से लौटे 40 वर्षीय युवक की निजी लैब रिपोर्ट और आरटीपीसीआर जांच दोनों पॉजिटिव हैं। इसके बाद नमूना जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लखनऊ भेजा गया है, जिससे कोरोना के वैरिएंट का पता लग सके। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि चीन से लौटे शाहगंज के मारुति एस्टेट क्षेत्र निवासी युवक में कोरोना की पुष्टि हुई है। वह कारोबार के सिलसिले में चीन गया था। वहां से 23 को आगरा आया।
पिछले एक महीने से शहर में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। जांच के नाम पर रस्मअदायगी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग टीके को ही दवा मान रहा है, जबकि टीका लगवाने के बाद भी बढ़ी संख्या में लोगों में संक्रमण के लक्षण आ रहे हैं। उधर, 28 अक्तूबर से प्रशासन ने कोविड बुलिटेन भी जारी नहीं किया। बाजारों में भीड़ है, क्रिसमस और नव वर्ष की पार्टियां आफत ला सकती हैं।
मास्क और उचित दूरी भी भूले लोग
जी-20 सम्मेलन के दौरान भी आगरा में दुनियाभर के लोग आएंगे। संक्रमण नियंत्रण के इंतजाम नजर नहीं आ रहे। कोविड व्यवहार का पालन नहीं हो रहा। मास्क, उचित दूरी और सैनिटाइजेशन नहीं हो रहा। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल का कहना है कि सरकार की गाइडलाइन का पालन कराया जा रहा है। कोरोना नियंत्रण के लिए लोग मास्क लगाएं। उचित दूरी रखें, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
'खुद बचाएं अपनी जान'
संक्रमण से बचने के लिए अब लोगों को स्वयं एहतियात बरतना होगा। जरा सी चूक बड़ी समस्या में बदल सकती है। प्रशासन और शासन से उम्मीद रखना भी उचित नहीं। आईएमए अध्यक्ष डॉ. ओपी यादव का कहना है कि बीमार बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लोगों को खुद जागरूक होना पड़ेगा। तभी संक्रमण से बचा जा सकता है।