{"_id":"5d45447e8ebc3e6cc768aedb","slug":"anti-ragging-cell-warn-to-senior-students-in-sn-medical-collage-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जूनियर छात्रों के रंग-रूप पर टिप्पणी मानी जाएगी रैगिंग, सरनेम से भी बुलाया तो मिलेगी सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जूनियर छात्रों के रंग-रूप पर टिप्पणी मानी जाएगी रैगिंग, सरनेम से भी बुलाया तो मिलेगी सजा
Sat, 03 Aug 2019 01:54 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 03 Aug 2019 01:54 PM IST
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों को समझाते डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जूनियर छात्रों के रंग, रूप और उसके क्षेत्र पर टिप्पणी की तो इसे रैगिंग माना जाएगा। जूनियरों का उपहास भी इसी श्रेणी में आएगा। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग सेल ने सीनियर छात्रों को यह हिदायत दी है।
एमबीबीएस का नया सत्र शुरू होने के पहले दिन जूनियर छात्रों को रैगिंग से बचने, इसकी शिकायत करने के बारे में जानकारी दी गई। एंटी रैगिंग सेल ने शुक्रवार को सीनियर छात्रों को रैगिंग के दुष्परिणाम के बारे में बताया।
एंटी रैगिंग सेल ने स्पष्ट किया कि मारना, पीटना, मानसिक शोषण के अलावा छात्रों के रंग-रूप, वेशभूषा, उनके रीति-रिवाज के बारे में भी टिप्पणी नहीं करें। यहां तक कि सरनेम बुलाना भी रैगिंग माना जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
एमबीबीएस का नया सत्र शुरू होने के पहले दिन जूनियर छात्रों को रैगिंग से बचने, इसकी शिकायत करने के बारे में जानकारी दी गई। एंटी रैगिंग सेल ने शुक्रवार को सीनियर छात्रों को रैगिंग के दुष्परिणाम के बारे में बताया।
विज्ञापन
एंटी रैगिंग सेल ने स्पष्ट किया कि मारना, पीटना, मानसिक शोषण के अलावा छात्रों के रंग-रूप, वेशभूषा, उनके रीति-रिवाज के बारे में भी टिप्पणी नहीं करें। यहां तक कि सरनेम बुलाना भी रैगिंग माना जाएगा।
विज्ञापन
बताया कि रैगिंग में आरोप सिद्ध होने पर कॉलेज से निष्कासन के साथ सजा का भी प्रावधान है। कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. पीके माहेश्वरी ने बताया कि जूनियरों पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी रैगिंग की श्रेणी में है। सीनियरों को रैगिंग न करने की हिदायत दी है।
रैगिंग प्रकरण में जूनियर रेजीडेंट से हुई पूछताछ
एसएन में सर्जरी विभाग के सीनियर पर रैगिंग का आरोप लगाने वाले जूनियर की पहचान के लिए जूनियर रेजीडेंट से पूछताछ की गई। पांच जूनियर रेजीडेंट को एक-एक करके बुलाया गया, लेकिन शिकायतकर्ता का पता नहीं चला।
दरअसल, प्राचार्य कार्यालय में पत्र आया था, जिसमें सर्जरी विभाग के सीनियर रेजीडेंट पर रैगिंग का आरोप लगाया गया था। मामले की जांच एंटी रैगिंग सेल कर रही है। जांच कमेटी का तर्क है कि शिकायतकर्ता के सामने आने पर दोष सिद्ध करने में आसानी होगी।
रैगिंग प्रकरण में जूनियर रेजीडेंट से हुई पूछताछ
एसएन में सर्जरी विभाग के सीनियर पर रैगिंग का आरोप लगाने वाले जूनियर की पहचान के लिए जूनियर रेजीडेंट से पूछताछ की गई। पांच जूनियर रेजीडेंट को एक-एक करके बुलाया गया, लेकिन शिकायतकर्ता का पता नहीं चला।
दरअसल, प्राचार्य कार्यालय में पत्र आया था, जिसमें सर्जरी विभाग के सीनियर रेजीडेंट पर रैगिंग का आरोप लगाया गया था। मामले की जांच एंटी रैगिंग सेल कर रही है। जांच कमेटी का तर्क है कि शिकायतकर्ता के सामने आने पर दोष सिद्ध करने में आसानी होगी।