आगरा: दो बार ऑपरेशन के बाद भी ठीक नहीं हुआ ब्लैक फंगस का मरीज, एसएन में भर्ती
एसएन मेडिकल कॉलेज में एक महीने बाद ब्लैक फंगस का मरीज भर्ती हुआ है। चिंताजनक बात यह है कि दो बार ऑपरेशन के बाद भी वह ठीक नहीं हुआ है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के ब्लैक फंगस वार्ड में एक और मरीज भर्ती हुआ है। इस मरीज का दो बार ऑपरेशन किया जा चुका है लेकिन फिर भी मर्ज ठीक नहीं हुआ है। अब इसका एंटी फंगस इलाज शुरू कर दिया है। वार्ड में एक महीने बाद ब्लैक फंगस का मरीज भर्ती हुआ है।
ब्लैक फंगस वार्ड के प्रभारी डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि विजय नगर कॉलोनी के रहने वाले 72 साल के मरीज मई में कोरोना संक्रमित हुए थे। इसके सप्ताह भर बाद ब्लैक फंगस के लक्षण मिलने पर दिल्ली के निजी अस्पताल में इलाज कराया। इनके दो ऑपरेशन भी हो चुके हैं।
वार्ड में अब 10 मरीज भर्ती
सोमवार को एसएन मेडिकल कॉलेज में मरीज भर्ती हुआ है। उसका एंटी फंगस इलाज शुरू कर दिया है। उसके गाल, नाक में फंगस है। अभी जांच करने के बाद ऑपरेशन की स्थिति का पता करेंगे। वार्ड में अभी 10 मरीजों का इलाज चल रहा है।
एसएन मेडिकल कॉलेज में आगरा समेत 11 जिलों के ब्लैक फंगस के 99 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 15 की मौत हो चुकी है। नौ मरीजों की आंख निकालनी पड़ी है। बाकी के मरीजों के तालू, नाक, गाल में फंगस पहुंचने पर इसे ऑपरेशन कर निकालना पड़ा था।
नौ मरीजों का दोबारा हुआ ब्लैक फंगस
आगरा में ऐसे नौ मरीज भी मिल चुके हैं, जिन्हें दोबारा ब्लैक फंगस हुआ है। चिंताजनक बात यह है कि दूसरी बार इन मरीजों में कोई लक्षण नजर नहीं आए, लेकिन दूरबीन जांच और एमआरआई में फंगस पकड़ में आया है।
ऐसे मरीजों की उम्र 40 से अधिक रही और कोरोना संक्रमण के दौर में 10 से 15 दिन ऑक्सीजन पर रहे। लेकिन ऐसे मरीजों को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी, एंटी फंगल इलाज दिया गया। दो मरीजों को दोबारा भर्ती कर ऑपरेशन करना पड़ा।