{"_id":"62571060c29a4c328954168f","slug":"animal-s-vaccination-not-progresing-insufficient-vaccine-kasganj-news-agr530197951","type":"story","status":"publish","title_hn":"वैक्सीन न मिलने से पिछड़ रहा पशुओं का टीकाकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वैक्सीन न मिलने से पिछड़ रहा पशुओं का टीकाकरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। पशुओं को खुरपका और मुंहपका (एफएमडी) रोग से बचाने के लिए 15 मार्च से टीकाकरण शुरू होना था। लेकिन लगभग एक माह का समय बीत जाने के बाद भी टीकाकरण वैक्सीन के अभाव में टीकाकरण लगातार पिछड़ रहा है। जनपद में लगभग 6,17,000 पशुओं का टीकाकरण किया जाना है।
खुरपका और मुंहपका रोग से बचाव का सबसे अच्छा उपाय टीकाकरण है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा हर वर्ष मार्च के अंत तक टीकाकरण का शुभारंभ कर दिया जाता है। इस वर्ष भी यह टीकाकरण 15 मार्च से शुरू होना था। टीकाकरण को लेकर विभाग द्वारा तैयारियां की गई हैं। पशु चिकित्सकों की ड्यूटी विकास खंड बार लगाई गई हैं। लेकिन अप्रैल का करीब आधा माह बीत जाने के बाद भी वैक्सीन पशु चिकित्सा विभाग को प्राप्त नहीं हो सकी हैं, जिससे टीकाकरण में देरी होती जा रही है। विभाग को वैक्सीन मिलने का इंतजार हैं। वैक्सीन की कोल्ड चेन खराब न हो इसके लिए दो कोल्ड चेंबर भी तैयार हैं।
जनपद में गोवंशी पशु - 89650
जनपद में महेशवंशी पशु - 527700
वैक्सीन की जरूरत- 617000
क्या है खुरपका और मुंहपका रोग
इस रोग में पशुओं के खुर और मुंह में घाव हो जाते हैं। यह वायरस जनित रोग है। पशुओं के मुंह में छाले हो जाते हैं। जानवर को बुखार रहता है और चारा खाना कम कर देता है। पशु जुगाली नहीं करता और दूध की मात्रा भी कम हो जाती है। रोग का समय से उपचार न हो तो कई बार पशु की मौत हो जाती हैं जिससे पशुपालकों को पशुधन की हानि होती है।
विज्ञापन
पशुओं के खुरपका और मुंहपका रोग से बचाव को टीकाकरण को लेकर तैयारियां कर ली गई हैं। दो या तीन दिन में वैक्सीन जनपद में पहुंचने उम्मीद हैं। वैक्सीन की प्राप्त होते ही टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा, सभी कोल्ड चेन से लेकर सभी तैयारियां पूरी की गई हैं। - डॉ. विनीत कुमार पांडेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कासगंज।
विज्ञापन
खुरपका और मुंहपका रोग से बचाव का सबसे अच्छा उपाय टीकाकरण है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा हर वर्ष मार्च के अंत तक टीकाकरण का शुभारंभ कर दिया जाता है। इस वर्ष भी यह टीकाकरण 15 मार्च से शुरू होना था। टीकाकरण को लेकर विभाग द्वारा तैयारियां की गई हैं। पशु चिकित्सकों की ड्यूटी विकास खंड बार लगाई गई हैं। लेकिन अप्रैल का करीब आधा माह बीत जाने के बाद भी वैक्सीन पशु चिकित्सा विभाग को प्राप्त नहीं हो सकी हैं, जिससे टीकाकरण में देरी होती जा रही है। विभाग को वैक्सीन मिलने का इंतजार हैं। वैक्सीन की कोल्ड चेन खराब न हो इसके लिए दो कोल्ड चेंबर भी तैयार हैं।
विज्ञापन
जनपद में गोवंशी पशु - 89650
जनपद में महेशवंशी पशु - 527700
वैक्सीन की जरूरत- 617000
क्या है खुरपका और मुंहपका रोग
इस रोग में पशुओं के खुर और मुंह में घाव हो जाते हैं। यह वायरस जनित रोग है। पशुओं के मुंह में छाले हो जाते हैं। जानवर को बुखार रहता है और चारा खाना कम कर देता है। पशु जुगाली नहीं करता और दूध की मात्रा भी कम हो जाती है। रोग का समय से उपचार न हो तो कई बार पशु की मौत हो जाती हैं जिससे पशुपालकों को पशुधन की हानि होती है।
विज्ञापन
पशुओं के खुरपका और मुंहपका रोग से बचाव को टीकाकरण को लेकर तैयारियां कर ली गई हैं। दो या तीन दिन में वैक्सीन जनपद में पहुंचने उम्मीद हैं। वैक्सीन की प्राप्त होते ही टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा, सभी कोल्ड चेन से लेकर सभी तैयारियां पूरी की गई हैं। - डॉ. विनीत कुमार पांडेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कासगंज।