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चार शिक्षकों की बर्खास्तगी की तैयारियां हुई शुरू
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मैनपुरी। फर्जी डिग्री के सहारे शिक्षक बनने वाले चार और फर्जी शिक्षकों का खुलासा हुआ है। ये शिक्षक मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग के बाद एसआईटी सूची में शामिल पाए गए हैं। इसके साथ ही एक बार फिर से एसआईटी सूची में शामिल शिक्षकों की संख्या बढ़कर 81 हो गई है।
पूर्व में 77 में से 74 शिक्षकों की बर्खास्तगी की जा चुकी है जो कोर्ट के निर्देश पर अभी बिना वेतन के नौकरी कर रहे हैं। बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों को इन शिक्षकों की पत्रावलियों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही इन शिक्षकों की बर्खास्तगी होगी। शासन के निर्देश पर सभी शिक्षकों का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग का कार्य कराया गया है।
अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग कराने वाले शिक्षकों की जांच की गई तो पूर्व में एसआईटी से भेजी गई सूची के चार और शिक्षक सामने आए हैं। इनमें एक शिक्षामित्र भी शामिल है। जबकि एक बीटीसी शिक्षक को विशिष्ट बीटीसी डिग्रीधारक बताया गया है। इनमें से दो शिक्षकों की तैनाती किशनी विकास खंड में है, जबकि शिक्षामित्र करहल में तैनात है। एक अन्य शिक्षक की तैनाती विकास खंड बेवर में है। बीएसए विजय प्रताप सिंह ने खंड शिक्षाधिकारी बेवर, करहल और किशनी को संबंधित शिक्षकों की पत्रावलियों के साथ तलब किया है।
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पहले भी शिक्षकों की सेवाएं हो चुकी हैं समाप्त
वर्ष 2016 में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक के अभिलेख फर्जी पाए जाने पर तत्कालीन बीएसए रामकरन यादव ने 31 शिक्षकों को बर्खास्त किया था। इनमें तीन शिक्षक एसआईटी सूची में भी शामिल मिले। इन शिक्षकों की सेवाएं पूरी तरह से समाप्त हो चुकी हैं। वहीं विश्वविद्यालय की संस्तुति के बाद चार शिक्षकों को बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बर्खास्त किया है। अब तक सात शिक्षकों की पूरी तरह से सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं।
मानव संपदा पोर्टल पर एसआईटी सूची में शामिल पाए गए चार शिक्षकों की बर्खास्तगी की तैयारी शुरू कर दी गई है। शिक्षकों की पत्रावलियों के साथ खंड शिक्षाधिकारियों को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही इन शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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पूर्व में 77 में से 74 शिक्षकों की बर्खास्तगी की जा चुकी है जो कोर्ट के निर्देश पर अभी बिना वेतन के नौकरी कर रहे हैं। बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों को इन शिक्षकों की पत्रावलियों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही इन शिक्षकों की बर्खास्तगी होगी। शासन के निर्देश पर सभी शिक्षकों का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग का कार्य कराया गया है।
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अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग कराने वाले शिक्षकों की जांच की गई तो पूर्व में एसआईटी से भेजी गई सूची के चार और शिक्षक सामने आए हैं। इनमें एक शिक्षामित्र भी शामिल है। जबकि एक बीटीसी शिक्षक को विशिष्ट बीटीसी डिग्रीधारक बताया गया है। इनमें से दो शिक्षकों की तैनाती किशनी विकास खंड में है, जबकि शिक्षामित्र करहल में तैनात है। एक अन्य शिक्षक की तैनाती विकास खंड बेवर में है। बीएसए विजय प्रताप सिंह ने खंड शिक्षाधिकारी बेवर, करहल और किशनी को संबंधित शिक्षकों की पत्रावलियों के साथ तलब किया है।
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पहले भी शिक्षकों की सेवाएं हो चुकी हैं समाप्त
वर्ष 2016 में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक के अभिलेख फर्जी पाए जाने पर तत्कालीन बीएसए रामकरन यादव ने 31 शिक्षकों को बर्खास्त किया था। इनमें तीन शिक्षक एसआईटी सूची में भी शामिल मिले। इन शिक्षकों की सेवाएं पूरी तरह से समाप्त हो चुकी हैं। वहीं विश्वविद्यालय की संस्तुति के बाद चार शिक्षकों को बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बर्खास्त किया है। अब तक सात शिक्षकों की पूरी तरह से सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं।
मानव संपदा पोर्टल पर एसआईटी सूची में शामिल पाए गए चार शिक्षकों की बर्खास्तगी की तैयारी शुरू कर दी गई है। शिक्षकों की पत्रावलियों के साथ खंड शिक्षाधिकारियों को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही इन शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए