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‘क्या है फतेहपुर सीकरी का रहस्य’...सामुदायिक रेडियो पर इतिहासकारों ने की चर्चा
Thu, 29 Oct 2020 11:54 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 29 Oct 2020 11:54 AM IST
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साहित्य सागर कार्यक्रम में इतिहासकार
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला और डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो के साप्ताहिक कार्यक्रम ‘साहित्य सागर’ के तहत बुधवार को ‘क्या है फतेहपुर सीकरी का रहस्य’ पुस्तक पर चर्चा की गई। इसका रेडियो पर प्रसारण किया गया।
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विश्वविद्यालय के इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. सुगम आनंद ने कहा कि फतेहपुर सीकरी का निर्माण अकबर ने किया। सीकरी का इतिहास और पुराना है। यहां की बसावट प्रागैतिहासिक काल की है। गुफाओं में मिले शैल चित्र इस बात का प्रमाणपत्र देते हैं कि उनमें आदिमानव रहते थे।
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सामुदायिक रेडियो के निदेशक प्रो. लवकुश मिश्रा ने परिचर्चा का संचालन किया। उन्होंने बताया कि ‘क्या है फतेहपुर सीकरी का रहस्य- पुस्तक को पत्रकार डॉ. भानुप्रताप सिंह ने लिखा है। इसमें फतेहपुर सीकरी के उत्खनन के दौरान मिले अवशेषों का जिक्र है, जो कि यहां की प्राचीन सभ्यता का प्रमाण देते है।
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सीकरी की बसावट प्राचीन काल की
इतिहासविद् डॉ. तरुण शर्मा ने बताया कि गुफाओं में शैल चित्रों को उन्होंने भी देखा है। फतेहपुर सीकरी की बात करने पर हम अकबर के शासन काल से जोड़कर देखते हैं। ऐसा नहीं है, सीकरी की बसावट प्राचीन काल की है। गुजरात विजय के बाद इसके नाम में अकबर ने फतेहपुर जोड़ा। इसका किताबों में जिक्र मिलता है।
पुस्तक के संबंध में उन्होंने कहा कि यह शोधार्थियों के लिए मददगार हो सकती है। शिक्षाविद् व दाऊदयाल वोकेशनल इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. शरद चंद्र उपाध्याय ने कहा कि अकबर ने सीकरी में राजधानी बनाई तो जाहिर से बात है, वहां बसावट पहले से रही होगी।
पुस्तक के संबंध में उन्होंने कहा कि यह शोधार्थियों के लिए मददगार हो सकती है। शिक्षाविद् व दाऊदयाल वोकेशनल इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. शरद चंद्र उपाध्याय ने कहा कि अकबर ने सीकरी में राजधानी बनाई तो जाहिर से बात है, वहां बसावट पहले से रही होगी।