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निपाह की आशंका से अलर्ट, ऐसे किया जा सकता है इस वायरस से बचाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 25 May 2018 01:44 PM IST
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Nipah Virus
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केरल में निपाह वायरस फैला हुआ है, जो कि एक घातक जुनोटिक रोग है। निपाह वायरस के संक्रमण के नियंत्रण और रोकथाम के लिए आगरा में अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके लक्षण तीन से 14 दिन में नजर आने लगते हैं।
यह संक्रामक है। बीमार से स्वस्थ व्यक्ति में पहुंच जाता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश वत्स के मुताबिक जिला अस्पताल और एसएन मेडिकल कालेज में आइसोलेशन वार्ड बनाया जा रहा है।
सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, रेलवे हॉस्पिटल, ईएसआई हॉस्पिटल में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से निपाह वायरस के संक्रमण के नियंत्रण और रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए गए हैं।
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मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से निजी अस्पतालों और पैथालॉजी लैब में भी प्रोफार्मा उपलब्ध कराया गया है। यदि कोई संदिग्ध मरीज आता है तो उसके संबंध में स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देनी होगी, जिससे उसकी जांच कराई जा सके।
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यह संक्रामक है। बीमार से स्वस्थ व्यक्ति में पहुंच जाता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश वत्स के मुताबिक जिला अस्पताल और एसएन मेडिकल कालेज में आइसोलेशन वार्ड बनाया जा रहा है।
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सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, रेलवे हॉस्पिटल, ईएसआई हॉस्पिटल में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से निपाह वायरस के संक्रमण के नियंत्रण और रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए गए हैं।
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मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से निजी अस्पतालों और पैथालॉजी लैब में भी प्रोफार्मा उपलब्ध कराया गया है। यदि कोई संदिग्ध मरीज आता है तो उसके संबंध में स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देनी होगी, जिससे उसकी जांच कराई जा सके।
एम-95 मास्क का करें इस्तेमाल
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में गुरुवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में निपाह वायरस के बारे में चर्चा की गई। बीमारी कैसे फैलती है, पहचान क्या है, कैसे बचा जाए इसके बारे में जानकारी दी गई।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अंकुर गोयल ने कहा कि निपाह वायरस संक्रमित व्यक्तियों से स्वस्थ व्यक्तियों में फैलता है। किसी व्यक्ति के इस वायरस से संक्रमित होने पर तीन से 14 दिन के अंदर लक्षण दिखाई देने लगता है।
इसमें व्यक्ति के पेट में दर्द होता है और तेज बुखार आता है। सांस फूलने लगती है। व्यक्ति कोमा में चला जाता है। इस तरह के लक्षण होने पर व्यक्ति तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
वायरस की रोकथाम के लिए जागरूकता जरूरी है। कोई मरीज इस बीमारी की चपेट में आता है तो उसके पास जाने के लिए एम-95 मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। कार्यशाला में बताया कि चिकित्सक कैसे, इस बीमारी के बारे में पता करें।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अंकुर गोयल ने कहा कि निपाह वायरस संक्रमित व्यक्तियों से स्वस्थ व्यक्तियों में फैलता है। किसी व्यक्ति के इस वायरस से संक्रमित होने पर तीन से 14 दिन के अंदर लक्षण दिखाई देने लगता है।
इसमें व्यक्ति के पेट में दर्द होता है और तेज बुखार आता है। सांस फूलने लगती है। व्यक्ति कोमा में चला जाता है। इस तरह के लक्षण होने पर व्यक्ति तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
वायरस की रोकथाम के लिए जागरूकता जरूरी है। कोई मरीज इस बीमारी की चपेट में आता है तो उसके पास जाने के लिए एम-95 मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। कार्यशाला में बताया कि चिकित्सक कैसे, इस बीमारी के बारे में पता करें।