Mainpuri Bypoll: अखिलेश ने दलित महिला से कराया डिंपल के कार्यालय का उद्घाटन, एक तीर से साधे कई निशाने
मैनपुरी में अखिलेश यादव ने दलित महिला से सपा प्रत्याशी डिंपल यादव के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन कराकर एक तीर से कई निशाने साधे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है अखिलेश ने यह दांव खेलकर अनुसूचित जाति और महिला मतदाताओं को रिझाने का प्रयास किया है।
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मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए नाम वापसी की तिथि नजदीक आने के साथ-साथ सियासी सरगर्मी तेज होती जा रही है। कार्यालय उद्घाटन के साथ ही रैलियां जोर पकड़ रही हैं। अखिलेश यादव ने यादवों का गढ़ कहे जाने वाले करहल विधानसभा क्षेत्र में पिछले दिनों डिंपल यादव के लिए चुनाव कार्यालय का शुभारंभ किया।
इन मतदाताओं को रिझाने का प्रयास
चर्चा का विषय यह है कि कार्यालय का उद्घाटन सपा के स्टार प्रचारकों ने नहीं बल्कि अनुसूचित जाति (एससी) की महिला राजकुमारी रावल ने किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है अखिलेश ने यह दांव खेलकर अनुसूचित जाति और महिला मतदाताओं को रिझाने का प्रयास किया है।
दरअसल यादवों का एकमुश्त वोट हमेशा से ही सैफई परिवार के पक्ष में पड़ता रहा है। जातिगत आंकड़ों को देखें तो मैनपुरी विधानसभा क्षेत्र में दूसरे नंबर पर शाक्य मतदाता हैं। इन्हीं मतों को साधने के लिए पूर्व मंत्री आलोक शाक्य को जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद तीसरे नंबर पर सर्वाधिक मतदाता अनुसूचित जाति के हैं।
कई तीर से साधे कई निशाने
ऐसे में माना जा रहा है कि अखिलेश ने चुनाव कार्यालय उद्घाटन के बहाने एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। देखना यह है कि चुनाव में यह दांव कितना कारगर रहता है। उधर, अखिलेश के इस दांव के बाद भाजपा भी अनुसूचित जाति के मतों को लेकर सक्रिय हो गई है।सपा के खिलाफ ठोक चुकी हैं ताल
डिंपल के कार्यालय का उद्घाटन करने वाली राजकुमारी रावल करहल से निकाय चुनाव में चेयरमैन पद के लिए सपा उम्मीदवार के सामने निर्दलयी प्रत्याशी के रूप में दो बार ताल ठोक चुकी हैं। हालांकि उनको वोट बहुत कम मिले। उनकी बेटी वर्तमान में सभासद हैं।संसदीय क्षेत्र के जातिगत आंकड़े
यादव - 4.40 लाखशाक्य - 2.25 लाख
क्षत्रिय - 02 लाख
जाटव - 1.25 लाख
लोधी - 1.20 लाख
ब्राह्मण - 01 लाख
मुस्लिम - 80 हजार
कठेरिया - 70 हजार
पाल - 70 हजार
कश्यप - 70 हजार
दिवाकर - 50 हजार
(नोट: जातीय आंकड़े राजनीतिक दलों के सर्वे पर आधारित हैं।)