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Mainpuri Bypoll: अखिलेश ने दलित महिला से कराया डिंपल के कार्यालय का उद्घाटन, एक तीर से साधे कई निशाने

Mon, 21 Nov 2022 03:08 PM IST
मुकेश कुमार सोनम वारसी, अमर उजाला आगरा
सोनम वारसी, अमर उजाला आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 21 Nov 2022 03:08 PM IST
सार

मैनपुरी में अखिलेश यादव ने दलित महिला से सपा प्रत्याशी डिंपल यादव के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन कराकर एक तीर से कई निशाने साधे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है अखिलेश ने यह दांव खेलकर अनुसूचित जाति और महिला मतदाताओं को रिझाने का प्रयास किया है।  

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Akhilesh yadav inaugurated Dimple's election office by Dalit woman in Mainpuri
अखिलेश यादव और डिंपल यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए नाम वापसी की तिथि नजदीक आने के साथ-साथ सियासी सरगर्मी तेज होती जा रही है। कार्यालय उद्घाटन के साथ ही रैलियां जोर पकड़ रही हैं। अखिलेश यादव ने यादवों का गढ़ कहे जाने वाले करहल विधानसभा क्षेत्र में पिछले दिनों डिंपल यादव के लिए चुनाव कार्यालय का शुभारंभ किया।

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इन मतदाताओं को रिझाने का प्रयास 

चर्चा का विषय यह है कि कार्यालय का उद्घाटन सपा के स्टार प्रचारकों ने नहीं बल्कि अनुसूचित जाति (एससी) की महिला राजकुमारी रावल ने किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है अखिलेश ने यह दांव खेलकर अनुसूचित जाति और महिला मतदाताओं को रिझाने का प्रयास किया है।  

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दरअसल यादवों का एकमुश्त वोट हमेशा से ही सैफई परिवार के पक्ष में पड़ता रहा है। जातिगत आंकड़ों को देखें तो मैनपुरी विधानसभा क्षेत्र में दूसरे नंबर पर शाक्य मतदाता हैं। इन्हीं मतों को साधने के लिए पूर्व मंत्री आलोक शाक्य को जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद तीसरे नंबर पर सर्वाधिक मतदाता अनुसूचित जाति के हैं। 

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कई तीर से साधे कई निशाने 

ऐसे में माना जा रहा है कि अखिलेश ने चुनाव कार्यालय उद्घाटन के बहाने एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। देखना यह है कि चुनाव में यह दांव कितना कारगर रहता है। उधर, अखिलेश के इस दांव के बाद भाजपा भी अनुसूचित जाति के मतों को लेकर सक्रिय हो गई है। 

सपा के खिलाफ ठोक चुकी हैं ताल

डिंपल के कार्यालय का उद्घाटन करने वाली राजकुमारी रावल करहल से निकाय चुनाव में चेयरमैन पद के लिए सपा उम्मीदवार के सामने निर्दलयी प्रत्याशी के रूप में दो बार ताल ठोक चुकी हैं। हालांकि उनको वोट बहुत कम मिले। उनकी बेटी वर्तमान में सभासद हैं। 

संसदीय क्षेत्र के जातिगत आंकड़े 

यादव - 4.40 लाख
शाक्य - 2.25 लाख 
क्षत्रिय  - 02 लाख
जाटव - 1.25 लाख
लोधी - 1.20 लाख
ब्राह्मण - 01 लाख 
मुस्लिम - 80 हजार
कठेरिया - 70 हजार
 पाल - 70 हजार
 कश्यप - 70 हजार
 दिवाकर - 50 हजार 
(नोट:  जातीय आंकड़े राजनीतिक दलों के सर्वे पर आधारित हैं।) 
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