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20 सीटर एयर टैक्सी भरेगी आगरा से उड़ान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2016 12:39 AM IST
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पांच करोड़ रुपये प्रति माह तक की सब्सिडी देगी प्रदेश सरकार
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश की नई एविएशन पालिसी (वायु सेवा नीति) में बदलाव के बाद नए सिरे से सूबे के पांच शहरों को एयर टैक्सी से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। हेरिटेज आर्क के शहरों लखनऊ-आगरा-वाराणसी के बीच 20 सीटर एयर टैक्सी उड़ान भरेगी। सितंबर में टेंडर के बाद जिस एयर सर्विस आपरेटर को चुना जाएगा, उसे हर महीने कम से कम 300 घंटे की उड़ान पूरी करनी होगी। आपरेटर के घाटे की आशंका को खत्म करते हुए प्रदेश सरकार नई नीति के तहत पांच करोड़ रुपये हर महीने सब्सिडी भी देगी।
दो साल में सूबे की वायु सेवा नीति फेल होने और इंट्रा-स्टेट एयर सर्विस के तहत किसी भी शहर को उड़ान से नहीं जोड़ सकने पर नीति में आमूल चूल बदलाव किया गया। नई नीति के मुताबिक एयर टैक्सी में 18 से 20 सीटर विमान उपयोग किया जाएगा और हर घंटे की परिचालन लागत के आधार पर वायु सेवा प्रदाता चुना जाएगा।
29 अगस्त तक टेंडर निकाले गए थे लेकिन रिस्पांस न मिलने पर सरकार ने तरीख आगे बढ़ाते हुए 20 सितंबर तक टेंडर जमा करने और 22 सितंबर को टेंडर खोलने की तिथि तय की। इंट्रा स्टेट वायु सेवा तीन साल के लिए होगी लेकिन एक साल केबाद अनुबंध की समीक्षा की जाएगी। नीति में तो आपरेटर को चार महीने के अंदर एयर टैक्सी चलाने के निर्देश हैं लेकिन सपा सरकार दो माह में ही एयर टैक्सी शुरू कराने पर जोर दे रही है। ताकि चुनाव से पहले इसे बड़ी उपलब्धि बताया जा सके।
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बनारस से आगरा फ्लाइट मुनाफे का सौदा
बनारस-आगरा साल में छह माह हवाई संपर्क से जुड़े रहते हैं। एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या ए-406 अक्तूबर से मार्च के बीच चलती रही है। यह बनारस से आगरा तक पूरे सीजन फुल रही, जबकि आगरा से खजुराहो के लिए यात्री 50 फीसदी से भी कम मिले। ऐसे में लखनऊ-बनारस-आगरा-बनारस-लखनऊ के बीच एयर टैक्सी मुनाफे का सौदा हो सकता है। दरअसल, बनारस से आगरा आने पर टैक्सी को पर्यटक मिलेंगे, वहीं आगरा से बनारस के लिए भी पर्यटक काफी हैं। लखनऊ में हर महीने मीटिंग होने से उच्च अधिकारियों को भी एयर टैक्सी से सुविधा मिल सकेगी।
अब सिर्फ दो रूट पर
दो साल पहले प्रदेश सरकार ने 12 एयर टैक्सी रूट तय किए थे, लेकिन इनमें से किसी रूट पर एक भी दिन उड़ान नहीं भरी जा सकी। लखनऊ-इलाहाबाद, लखनऊ-आगरा, लखनऊ-मेरठ, लखनऊ-वाराणसी, लखनऊ-गोरखपुर, लखनऊ-म्योरपुर, वाराणसी-म्योरपुर, लखनऊ-कुशीनगर, लखनऊ-चित्रकूट, लखनऊ-मुरादाबाद, मेरठ-इलाहाबाद और मुरादाबाद-इलाहाबाद रूट तय किए गए थे, लेकिन नई पालिसी में केवल पर्यटन स्थलों के दो रूट ही तय किए गए हैं। इनमें हेरिटेज आर्क के शहर आगरा-लखनऊ-बनारस है तो दूसरे रूट में लखनऊ-इलाहाबाद-गोरखपुर को तय किया गया है।
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दो साल में सूबे की वायु सेवा नीति फेल होने और इंट्रा-स्टेट एयर सर्विस के तहत किसी भी शहर को उड़ान से नहीं जोड़ सकने पर नीति में आमूल चूल बदलाव किया गया। नई नीति के मुताबिक एयर टैक्सी में 18 से 20 सीटर विमान उपयोग किया जाएगा और हर घंटे की परिचालन लागत के आधार पर वायु सेवा प्रदाता चुना जाएगा।
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29 अगस्त तक टेंडर निकाले गए थे लेकिन रिस्पांस न मिलने पर सरकार ने तरीख आगे बढ़ाते हुए 20 सितंबर तक टेंडर जमा करने और 22 सितंबर को टेंडर खोलने की तिथि तय की। इंट्रा स्टेट वायु सेवा तीन साल के लिए होगी लेकिन एक साल केबाद अनुबंध की समीक्षा की जाएगी। नीति में तो आपरेटर को चार महीने के अंदर एयर टैक्सी चलाने के निर्देश हैं लेकिन सपा सरकार दो माह में ही एयर टैक्सी शुरू कराने पर जोर दे रही है। ताकि चुनाव से पहले इसे बड़ी उपलब्धि बताया जा सके।
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बनारस से आगरा फ्लाइट मुनाफे का सौदा
बनारस-आगरा साल में छह माह हवाई संपर्क से जुड़े रहते हैं। एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या ए-406 अक्तूबर से मार्च के बीच चलती रही है। यह बनारस से आगरा तक पूरे सीजन फुल रही, जबकि आगरा से खजुराहो के लिए यात्री 50 फीसदी से भी कम मिले। ऐसे में लखनऊ-बनारस-आगरा-बनारस-लखनऊ के बीच एयर टैक्सी मुनाफे का सौदा हो सकता है। दरअसल, बनारस से आगरा आने पर टैक्सी को पर्यटक मिलेंगे, वहीं आगरा से बनारस के लिए भी पर्यटक काफी हैं। लखनऊ में हर महीने मीटिंग होने से उच्च अधिकारियों को भी एयर टैक्सी से सुविधा मिल सकेगी।
अब सिर्फ दो रूट पर
दो साल पहले प्रदेश सरकार ने 12 एयर टैक्सी रूट तय किए थे, लेकिन इनमें से किसी रूट पर एक भी दिन उड़ान नहीं भरी जा सकी। लखनऊ-इलाहाबाद, लखनऊ-आगरा, लखनऊ-मेरठ, लखनऊ-वाराणसी, लखनऊ-गोरखपुर, लखनऊ-म्योरपुर, वाराणसी-म्योरपुर, लखनऊ-कुशीनगर, लखनऊ-चित्रकूट, लखनऊ-मुरादाबाद, मेरठ-इलाहाबाद और मुरादाबाद-इलाहाबाद रूट तय किए गए थे, लेकिन नई पालिसी में केवल पर्यटन स्थलों के दो रूट ही तय किए गए हैं। इनमें हेरिटेज आर्क के शहर आगरा-लखनऊ-बनारस है तो दूसरे रूट में लखनऊ-इलाहाबाद-गोरखपुर को तय किया गया है।