Pollution: बसों का धुआं बना रहा हवा को 'जहरीली', मेट्रो शुरू होने से सुधरेगी ताजनगरी की सेहत
- मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए वर्ष 2017 में बनी शहरी कार्य मंत्रालय की वाहन प्रदूषण उत्सर्जन रिपोर्ट से खुलासा
- एक बस से एक किमी यात्रा में निकल रहा 787 ग्राम कार्बन, 25 ग्राम सूक्ष्म कण, आगरा जिले में चल रही 15 हजार बसें
विस्तार
आगरा में मेट्रो शुरू होने से हवा की सेहत भी सुधरेगी। शहर में बसों के धुएं से हर दिन हवा में 'जहर' घुल रहा है। एक बस एक किमी यात्रा में 787 ग्राम कार्बन और 25 ग्राम सूक्ष्म कण हवा में घोलकर हवा की सेहत बिगाड़ रही है। जिले में 12 से 15 हजार बसें चलती हैं।
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बनी वाहन प्रदूषण उत्सर्जन रिपोर्ट के मुताबिक हवा में सबसे ज्यादा सूक्ष्म कण, कार्बन कण, हाइड्रो क्लोराइड और अन्य घातक प्रदूषक तत्व व गैसीय उत्सर्जन बसों के धुएं से बढ़ रहा है। ये रिपोर्ट प्रदूषण बोर्ड और शहरी कार्य मंत्रालय ने बनाई है।
शहर में हर साल नवंबर से मार्च तक वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब स्थिति 300 से 400 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। खराब मौसम में एक्यूआई 400 से ऊपर पहुंच जाता है। यह घातक स्तर है।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 तक बस यात्रियों की संख्या शहर में 3.10 लाख तक घटेगी। ये यात्री मेट्रो में शिफ्ट हो जाएंगे। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण में सुधार होने का अनुमान है।
2300 बस पंजीकृत, 10 हजार बाहरी
परिवहन विभाग आगरा में वर्ष 2019 तक करीब 2300 बस, मिनी बस व स्कूल बस पंजीकृत हुए। चार बस अड्डे हैं। हर दिन 10 से 12 हजार बसें दौड़ती हैं। इनमें सबसे ज्यादा यात्री ईदगाह बस स्टैंड, फिर बिजलीघर और आईएसबीटी आते हैं।
बस स्टैंड - यात्री संख्या
ईदगाह - 20,446 प्रतिदिन
बिजलीघर - 10,765 प्रतिदिन
आईएसबीटी - 9,064 प्रतिदिन
वॉटर वर्क्स - 7161 प्रतिदिन
(औसतन 47,436 यात्री प्रतिदिन बस यात्रा करते हैं)
- दयालबाग से आगरा कैंट मार्ग
- दयालबाग से रोहता, सैंया मार्ग
- बिजलीघर से पिनाहट मार्ग पर
- शास्त्रीपुरम से आगरा कैंट तक
- ईदगाह से फतेहपुर सीकरी मार्ग
- बिजलीघर से खेरागढ़ मार्ग तक