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यूपी बोर्ड: आपत्तियां देने वाले एडेड विद्यालयों की जांच कराई जाएगी
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आगरा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 2021 के लिए केंद्र बनाए गए जिन एडेड विद्यालयों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। विद्यालयों ने संसाधनों के अभाव में केंद्र हटाए और आवंटित परीक्षार्थियों की संख्या कम करने के लिए प्रार्थनापत्र लिखा है।
परीक्षा केंद्रों की सूची सार्वजनिक कर 30 जनवरी तक आपत्तियां व केंद्र बनाने के लिए प्रार्थनापत्र मांगा गया था। 45 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने आवंटित छात्र संख्या कम करने और विद्यालय को केंद्र न बनाए जाने की मांग की है। इसमें करीब 40 एडेड विद्यालय हैं। प्रधानाचार्यों का कहना है कि परीक्षा कराने के लिए उनके पास पर्याप्त फर्नीचर, कक्ष, सीसीटीवी कैमरा आदि संसाधन नहीं हैं। ऐसे भी केंद्र हैं, जो 20-25 वर्ष से केंद्र नहीं बन रहे थे, इस बार उनका नाम सूची में शामिल है। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार का कहना है कि जिन एडेड विद्यालयों ने आपत्तियां दी हैं। उनके यहां जिलाधिकारी स्तर से मजिस्ट्रेटों से जांच कराई जा रही है। वह खुद भी विद्यालयों का निरीक्षण कर रहे हैं। वस्तुस्थिति जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जनपदीय केंद्र निर्धारण समिति के समक्ष रखा जाएगा।
बोर्ड की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार विद्यालयों से प्राप्त आपत्तियों और प्रार्थनापत्रों का निस्तारण करना है। सर्वाधिक 256 आपत्तियां परीक्षा केंद्र दूर होने के संबंध में प्राप्त हुई हैं। 140
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ने परीक्षा केंद्र बनवाने के लिए प्रार्थनापत्र दिया है।
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परीक्षा केंद्रों की सूची सार्वजनिक कर 30 जनवरी तक आपत्तियां व केंद्र बनाने के लिए प्रार्थनापत्र मांगा गया था। 45 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने आवंटित छात्र संख्या कम करने और विद्यालय को केंद्र न बनाए जाने की मांग की है। इसमें करीब 40 एडेड विद्यालय हैं। प्रधानाचार्यों का कहना है कि परीक्षा कराने के लिए उनके पास पर्याप्त फर्नीचर, कक्ष, सीसीटीवी कैमरा आदि संसाधन नहीं हैं। ऐसे भी केंद्र हैं, जो 20-25 वर्ष से केंद्र नहीं बन रहे थे, इस बार उनका नाम सूची में शामिल है। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार का कहना है कि जिन एडेड विद्यालयों ने आपत्तियां दी हैं। उनके यहां जिलाधिकारी स्तर से मजिस्ट्रेटों से जांच कराई जा रही है। वह खुद भी विद्यालयों का निरीक्षण कर रहे हैं। वस्तुस्थिति जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जनपदीय केंद्र निर्धारण समिति के समक्ष रखा जाएगा।
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बोर्ड की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार विद्यालयों से प्राप्त आपत्तियों और प्रार्थनापत्रों का निस्तारण करना है। सर्वाधिक 256 आपत्तियां परीक्षा केंद्र दूर होने के संबंध में प्राप्त हुई हैं। 140
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ने परीक्षा केंद्र बनवाने के लिए प्रार्थनापत्र दिया है।