Ahmedabad Plane Crash: आगरा के नीरज और अपर्णा भी विमान हादसे के हुए शिकार, गांव में शोक, सांसद पहुंचे घर
नीरज लवानिया तीन भाइयों में छोटे थे। सबसे बड़े भाई विनोद लवानिया दिल्ली में रहते हैं, जबकि सतीश लवानिया अकोला में रहते हैं। स्टेशनरी का कारोबार है। उन्होंने बताया कि छोटा भाई नीरज एमबीए करने के बाद वडोदरा में ही बस गए थे।
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अकोला (फतेहपुर सीकरी) के मूल निवासी नीरज लवानिया और उनकी पत्नी अपर्णा लवानिया अहमदाबाद में हुए विमान हादसे का शिकार हो गए। उनके निधन की खबर मिलने पर पैतृक गांव में मातम छा गया। सांसद राजकुमार चाहर ने दंपती के परिजन को सांत्वना दी। शाम को आसपास के गांवों से भी लोगों ने उनके भाई सतीश लवानिया के घर पहुंचकर ढाढ़स बंधाया। नीरज के बचपन के दोस्तों ने उन्हें हंसमुख और मिलनसार बताया।
नीरज लवानिया तीन भाइयों में छोटे थे। सबसे बड़े भाई विनोद लवानिया दिल्ली में रहते हैं, जबकि सतीश लवानिया अकोला में रहते हैं। स्टेशनरी का कारोबार है। उन्होंने बताया कि छोटा भाई नीरज एमबीए करने के बाद वडोदरा में ही बस गए थे। तकरीबन 21 साल से नीरज वडोदरा में ही रहते थे। उन्होंने वडोदरा की ही अपर्णा के साथ शादी की थी। उनकी 19 साल की बेटी अर्पणा है।
अर्पणा स्नातक कर रही है। वह नानी के साथ घर में थी। नीरज इस वक्त एसी नेल्सन कंपनी में कार्यरत थे। परिजन ने बताया कि नीरज हर साल ही गर्मियों में बाहर घूमने जाते थे। इस बार वह लंदन घूमने जा रहे थे। 28 जून को उन्हें वडोदरा लौटना था।
नवंबर में पिता की मृत्यु पर आए थे नीरज
बड़े भाई सतीश ने बताया कि पिता महावीर प्रसाद सेवानिवृत्त एडीओ पंचायत थे। उनकी नवंबर 2024 में मृत्यु हो गई थी। अंतिम बार नीरज परिवार के साथ पिता की मृत्यु पर गांव आए थे। वह कई दिन तक यहीं रुके थे। वह अक्सर होली, दीपावली और शादी समारोहों में शिरकत करने गांव आते थे।
सांसद चाहर ने दी सांत्वना
फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर अपने पारिवारिक मित्र सतीश लवानिया के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी अहमदाबाद हादसे में अकोला के दंपती की मृत्यु की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार से पारिवारिक संबंध हैं। दंपती की मौत पर उन्होंने दुख जताया। कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत क्षति है।
बेहद मिलनसार और अच्छे गायक थे
अकोला के रहने वाले नीरज लवानिया के बचपन के दोस्त वीरेंद्र शर्मा और नरेश चाहर ने बताया कि नीरज बहुत ही खुशमिजाज और मिलनसार थे। वह बरसों पहले आगरा छोड़ गए थे, लेकिन दोस्तों से कभी नाता नहीं तोड़ा। वह उनके साथ बचपन से ही पढ़े थे। बीएससी तक की पढ़ाई यहीं की थी। वह गायक भी बहुत अच्छे थे, अक्सर गाने सुनाते थे।
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