सीएम योगी का आगरा दौरा: अब तक पूरी नहीं हुईं ये योजनाएं, शहर के लोग लगा रहे सरकार से गुहार
आगरा के लोग बैराज, इंटरनेशनल स्टेडियम, हाईकोर्ट बेंच, कीठम के पर्यटन विकास, छत्रपति शिवाजी महाराज के म्यूजियम के लिए गुहार लगा रहे हैं। भाजपा सरकार के चार साल पूरे होने के बाद भी इन मुद्दों में से किसी एक पर एक कदम भी आगे नहीं बढ़े हैं।
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प्रदेश सरकार ने आगरा में 1050 एकड़ में इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर बनाने की घोषणा की है। आगरा के उद्यमियों की मांग है कि युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रदूषण रहित उद्योगों की स्थापना यहां की जाए, जिसमें आईटी सिटी, गारमेंट हब आदि प्रमुख हैं।
नेशनल चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से आगरा में आईटी सिटी बनाने, गारमेंट हब, सोलर सिटी, फूड प्रोसेसिंग और हैंडीक्राफ्ट क्लस्टर बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आगरा में आईटी सिटी न होने से बीटेक पास होने वाली प्रतिभा बंगलूरू, पुणे, गुड़गांव जैसे शहरों में पलायन कर रही है।
मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर में 250 एकड़ जमीन आईटी सिटी को, 200 एकड़ सोलर सिटी के लिए, 100 एकड़ गारमेंट हब के लिए, 200 एकड़ मेडिसिटी के लिए दी जाए। आलू का सबसे ज्यादा उत्पादन होने के कारण फूड प्रोसेसिंग उद्योग के लिए 200 एकड़ जमीन दी जाए ताकि इन उद्योगों से युवाओं को रोजगार मिल सके।
इन योजनाओं का है इंतजार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चार साल पहले शहर की पेयजल और भूगर्भ जलस्तर को ऊपर उठाने के लिए नगला पैमा में यमुना नदी पर रबर चेक डैम का शिलान्यास कर चुके हैं। मई में वह नगला पैमा में रेत पर पैदल चलकर जगह का निरीक्षण करने गए थे। 26 अक्तूबर 2017 को नगला पैमा में 281 करोड़ की लागत से प्रस्तावित रबर चेक डैम का शिलान्यास कर गए, पर अब तक एक कदम भी इसका काम आगे नहीं बढ़ा। चार साल में एनओसी ही नहीं ली जा सकीं।
कीठम को पर्यटन विकास का इंतजार
यही हाल कीठम स्थित सूर सरोवर पक्षी विहार का है, जहां मुख्यमंत्री ने शाम को 25 पर्यटन उद्यमियों को बुलाकर ईको टूरिज्म पर चर्चा की थी। बेहद शांत और हरे भरे सूर सरोवर पक्षी विहार में ही मुख्यमंत्री मीडिया से मुखातिब हुए थे और गोल्फ कार्ट से कीठम की खूबसूरत झील के पास घूमे थे। उन्होंने तब कीठम के पर्यटन विकास के लिए गोल्फ कार्ट चलाने, झील में वोटिंग समेत पूरी योजना बनाने को कहा था। यह योजना लखनऊ भेजी भी गई, पर अब तक पास नहीं हो सकी।
यमुनापार के लिए चाहिए नया वाटरवर्क्स
ताजनगरी में यमुनापार की तीन लाख से ज्यादा की आबादी पानी के लिए परेशान है। कुबेरपुर तक शहर का विकास होने के कारण कॉलोनियों का निर्माण हो रहा है। यमुनापार के इलाके में पेयजल के लिए जलनिगम नए वाटरवर्क्स की स्थापना का प्रोजेक्ट बना चुका है। इस पर 550 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री जी, यमुनापार के तीन लाख लोगों की गुहार नए वाटरवर्क्स के निर्माण की है।