घर के दरवाजे के सामने साइकिल खड़ी करने पर युवक की हत्या, 'अपनों' ने ही ली जान
- न्यू आगरा के नगला पदी की घटना, चाचा, चाची और चचेरे भाई पर आरोप
- परिवार में इकलौता कमाने वाला था युवक, हत्या से मचा कोहराम
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थाना न्यू आगरा के नगला पदी में गुरुवार शाम तकरीबन सात बजे 30 वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई। इसका आरोप मृतक के चाचा , चाची और चचेरे भाई पर है। पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया है। विवाद घर के सामने पड़ी चार फुट की जगह में साइकिल खड़ी करने को लेकर हुआ। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नगला पदी स्थित सरन नगर निवासी मदन कुमार पुत्र छोटेलाल डिश केबल कंपनी में काम करता था। उसके भाई संतोष कुमार ने बताया कि उनके घर में सामने चार फीट की जगह है। गली 15 फुट की है। घर के बाहर खाली जगह में वह अपनी साइकिल खड़ी करता है। चाचा रमेश चंद्र का परिवार पड़ोस में रहता है। उनका दरवाजा इस खाली जगह के पीछे लगा है।
28 साल से वो लोग इसी जगह पर अपनी साइकिल खड़ी करते आ रहे हैं। गुरुवार सुबह से साइकिल खड़ी थी। शाम को सात बजे भाई मदन घर आया। उससे चाचा रमेश चंद्र, चाची नमिता और चचेरा भाई मनमीत विवाद करने लगे। आरोप है कि तीनों ने मिलकर मदन को पकड़ लिया।
दीवार पर मारा सिर
आरोपियों ने उसका सिर दीवार में जोर से मार दिया। इसके बाद दरवाजे की चौखट में भी मारा। इससे वो जमीन पर गिर पड़ा। यह देखकर परिवार के लोग आ गए। इस पर आरोपी परिवार भाग गया। उन्होंने मदने को पहले एक डॉक्टर को दिखाया। उसने एसएन मेडिकल कालेज ले जाने को कहा। इस पर वहां ले गए, जहां मदन को मृत घोषित कर दिया गया।
सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है। साईकिल खड़ी करने के विवाद में हत्या का आरोप है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
पीड़ित भाई को ही पुलिस ने किया थाने में बंद
परिजनों का आरोप है कि मृतक का भाई संतोष थाना पर शिकायत करने गया था। यहां पर चाचा का परिवार पहले से बैठा हुआ था। उन्होंने तहरीर भी दे रखी थी। पुलिस ने बिना कुछ सुने उसे पकड़ लिया। इसके बाद कार्यालय में बैठा लिया।
उसने बताया कि भाई की हालत खराब है। इसके बावजूद सिपाही ने कोरे कागज पर कुछ लिखना शुरू कर दिया। इसके बाद कहा कि समझौता करना है तो कर लो, नहीं सुबह शांति भंग में जेल भेज देंगे।
रमेश चंद्र के परिजन भी मारपीट का आरोप लगाने लगे। एक घंटे तक थाने में बैठाकर रखा। बाद में अन्य परिजन आए। उन्होंने मदन की मौत की जानकारी दी। इस पर पुलिसकर्मी ने कागज को फाड़ दिया। तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। बाद में तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
परिवार का इकलौता कमाने वाला था मदन
परिजनों ने बताया कि मदन के परिवार में पिता, मां जमुना, भाई संतोष हैं। एक भाई बाहर रहता है। मदन की शादी तीन साल पहले सुमन से हुई थी। उसका एक ढाई साल का बेटा प्रियांशु है। पिता छोटेलाल की लॉक डाउन में जूता फैक्टरी से नौकरी छूट गई थी। अब घर पर ही हैं। संतोष को भी काम नहीं मिल रहा था। मदन ही अकेला परिवार का सहारा था।