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कॉलेजों की इस गलती की सजा भुगत रहे 93 हजार छात्र

Tue, 30 Jan 2018 10:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Tue, 30 Jan 2018 10:12 PM IST
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agra university stops thousands of students mark sheet
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आगरा की डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध 71 कॉलेजों के 93308 छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। कॉलेजों ने शैक्षणिक सत्र 2016-17 का पूरा परीक्षा शुल्क विश्वविद्यालय में जमा नहीं किया है। 
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संबंधित कॉलेजों के अंकपत्र नहीं दिए गए हैं। चालू सत्र में इनको परीक्षा फार्म भरने का मौका भी नहीं दिया गया है। सभी सेल्फ फाइनेंस कॉलेज हैं। प्रत्येक कॉलेज की एक लाख रुपये से अधिक परीक्षा शुल्क बकाया है। 
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इनका परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया था, लेकिन अंकपत्र नहीं दिया गया है। इन कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को चक्कर काटना पड़ रहा है। कॉलेज में बताया जाता है कि विश्वविद्यालय स्तर से परिणाम नहीं जारी किया जा रहा है। 
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विश्वविद्यालय में पहुंचने पर विद्यार्थी को पता चलता है कि संबंधित कॉलेज ने फीस नहीं जमा की है, इससे उनका अंकपत्र रोका गया है। चालू शैक्षणिक सत्र में सभी 71 कॉलेजों की लॉगिन आईडी नहीं खोली गई है। 

संबंधित कॉलेज के किसी भी विद्यार्थी का परीक्षा फार्म नहीं भरा गया है। मार्च में परीक्षाएं होनी हैं। छात्रों से प्रति वर्ष परीक्षा शुल्क लिया जा रहा है। कॉलेज उसे विश्वविद्यालय में जमा नहीं कर रहे हैं। 

सर्वाधिक 21.79 लाख रुपये श्री बाबूलाल महाविद्यालय, गोवर्धन, मथुरा (कॉलेज कोड 330) का बकाया है। सबसे कम 1,00,640 रुपये श्री जाहर सिंह महाविद्यालय, केसपुर एटा का बकाया है। 

विवि की लापरवाही पड़ रही भारी

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. गिरजाशंकर शर्मा ने बताया कि संबंधित कॉलेजों को परीक्षा शुल्क जमा करने के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है।  

विश्वविद्यालय नियमों के मुताबिक पहले शुल्क जमा कराना आवश्यक होता है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की मिलीभगत के चलते पिछले सत्रों में फीस जमा किए बिना ही फार्म भरवा दिए। 

कुछ कॉलेजों ने फीस जमा करा दी, लेकिन कई कॉलेज ऐसे थे, जिन्होंने आधी अधूरी फीस जमा की। व्यवस्था बदली तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे कॉलेजों की मार्कशीट रोक दीं, जिन्होंने पूरी फीस जमा नहीं की। अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हीं कॉलेजों की लागिन आईडी खोली है, जिन्होंने फीस जमा कर दी है। 

ये बोले कुलपति 

डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि के कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित का कहना है कि जिन कॉलेजों ने गत सत्र का परीक्षा शुल्क अभी तक नहीं जमा किया है, उनकी सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर डाली जाएगी। 

गत सत्र के बकाये के भुगतान और चालू सत्र में पंजीकृत विद्यार्थियों का परीक्षा शुल्क जमा करने के बावजूद परीक्षा फार्म भरने के लिए लॉगिन आईडी खोली जाएगी। सभी कॉलेज एक लाख रुपये से अधिक बकायेदार हैं।

सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन अध्यक्ष बृजेश चौधरी का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को सभी विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल कराना होगा। विश्वविद्यालय पिछले पांच सालों से पांच गुना फीस लेकर बैठा है। इस पर एजेंसी का नाम लिया जाता है। अभी इसमें कोर्ट का निर्णय आना बाकी है। फरवरी में सुनवाई है। 
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