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Agra University: आगरा विश्वविद्यालय फिर बढ़ा सकता है पंजीकरण की तिथि, देरी से शुरू होगा सत्र
Tue, 08 Jul 2025 09:22 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 08 Jul 2025 09:22 AM IST
सार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण चल रहे हैं। मई माह में शुरू हुए पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 जून से बढ़ाकर 15 जुलाई की जा चुकी है। इसके बावजूद आवासीय संस्थान और संबद्ध काॅलेजों की सीटें नहीं भर पाई हैं। एक बार फिर प्रवेश तिथि को आगे बढ़ाने की संभावना है। जिससे सत्र देरी से शुरू होने की आशंका है।
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आगरा विश्वविद्यालय
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा विश्वविद्यालय के आवासीय संस्थान और संबद्ध कॉलेजों में स्नातक कोर्सों की 2 लाख 88 हजार सीटें हैं। इनके लिए मई माह में समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण शुरू हुए थे। 30 जून तक पोर्टल पर लगभग 65 हजार पंजीकरण हुए। जिसके बाद अंतिम तिथि को बढ़ाकर 15 जुलाई कर दिया गया। तिथि बढ़ने के बाद समर्थ पोर्टल पर करीब 74 हजार पंजीकरण हो चुके हैं। वहीं 15 जुलाई में एक सप्ताह शेष है, ऐसे में एक बार फिर से पंजीकरण की तिथि आगे बढ़ने की संभावना है। अकादमिक कैलेंडर के अनुसार नया सत्र जुलाई के अंतिम सप्ताह से शुरू होना था।
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तो विलंबित होगा सत्र
विवि की ओर से पंजीकरण की अंतिम तिथि को बढ़ाया जाता है तो सत्र समय से शुरू नहीं हो पाएगा। नई शिक्षा नीति के अनुसार सत्र शुरू होने के 6 माह में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा कराना अनिवार्य है। ऐसे में पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ने पर न तो सत्र समय से शुरू होगा और न ही परीक्षा समय पर कराई जा सकेंगी।
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विवि की ओर से पंजीकरण की अंतिम तिथि को बढ़ाया जाता है तो सत्र समय से शुरू नहीं हो पाएगा। नई शिक्षा नीति के अनुसार सत्र शुरू होने के 6 माह में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा कराना अनिवार्य है। ऐसे में पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ने पर न तो सत्र समय से शुरू होगा और न ही परीक्षा समय पर कराई जा सकेंगी।
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पिछले वर्ष सात बार बढ़ी थी पंजीकरण की तिथि
विवि में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण तिथि को आगे बढ़ाने का निर्णय पहली बार नहीं लिया है। इससे पहले के वर्षों में भी एक-दो बार नहीं बल्कि 6 से 7 बार तक पंजीकरण की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया गया था। सत्र 2024-25 के लिए विवि ने नवंबर माह तक प्रवेश लिए थे। इस कारण सत्र देरी से शुरू हुआ था और विद्यार्थियों की परीक्षा भी देरी से शुरू हुई।
विवि में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण तिथि को आगे बढ़ाने का निर्णय पहली बार नहीं लिया है। इससे पहले के वर्षों में भी एक-दो बार नहीं बल्कि 6 से 7 बार तक पंजीकरण की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया गया था। सत्र 2024-25 के लिए विवि ने नवंबर माह तक प्रवेश लिए थे। इस कारण सत्र देरी से शुरू हुआ था और विद्यार्थियों की परीक्षा भी देरी से शुरू हुई।
कुलपति प्रो. आशुरानी ने बताया कि अभी बीएड समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों का काउंसिलिंग कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है। कुछ कॉलेजों को विधि के कोर्सों की मान्यता के अप्रूवल का इंतजार है। ऐसे में इन कोर्सों में प्रवेश नहीं हो पा रहे हैं। जरूरत पड़ी तो छात्रहित में पंजीकरण की तिथि बढ़ाई जा सकती है।