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Agra Univresity: आगरा विवि की नई व्यवस्था...यदि बीच में छूटी पढ़ाई तो क्रेडिट के आधार पर दोबारा मिलेगा प्रवेश
Thu, 20 Feb 2025 12:05 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 20 Feb 2025 12:05 PM IST
सार
आगरा विश्वविद्यालय ने ऐसे छात्रों को सौगात दी है, जिनकी किसी वजह से बीच में पढ़ाई छूट गई। इनको क्रेडिट के आधार पर दोबारा प्रवेश मिल सकेगा।
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आगरा विश्वविद्यालय
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
डाॅ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के स्नातक, परास्नातक और आवासीय संस्थानों के 2.50 लाख छात्रों का एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) में पंजीकरण किया जा रहा है। छात्रों को एबीसी की आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। प्रत्येक सेमेस्टर का परिणाम घोषित होने के साथ ही छात्र के एबीसी खाते में क्रेडिट दर्ज हो जाएंगे। सत्र के बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्र बाद में इसी क्रेडिट के आधार पर फिर से आगे की पढ़ाई भी कर सकेगा। छात्र स्नातक और परास्नातक करते समय विश्वविद्यालय भी बदल सकेंगे।
विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई कराई जा रही है। सेमेस्टर प्रणाली से परीक्षाएं कराने के साथ ही सभी छात्रों का समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण किया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों का एबीसी में पंजीकरण किया जा रहा है। परीक्षा नियंत्रक डाॅ. ओम प्रकाश ने बताया कि स्नातक, परास्नातक और आवासीय संस्थानों के 2.50 लाख छात्रों के एबीसी में पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है।
हर छात्र को एक आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। सेमेस्टर परीक्षा का परिणाम घोषित होने के साथ ही एबीसी में छात्र के खाते में क्रेडिट जुड़ जाएंगे। स्नातक और परास्नातक के पाठ्यक्रम में बीच में छात्र पढ़ाई छोड़ देता है और कुछ वर्ष बाद दोबारा पढ़ाई करना चाहता है तो एबीसी के खाते से ही आगे की कक्षा में उसका प्रवेश हो जाएगा। इसके साथ ही छात्र विश्वविद्यालय भी बदल सकेंगे।
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जुलाई से चार वर्ष का इंटीग्रेटेड स्नातक पाठ्यक्रम
विश्वविद्यालय जुलाई 2025 से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड स्नातक पाठ्यक्रम शुरू कर रहा है। इसमें प्रवेश लेने के साथ ही छात्र का एबीसी में एकाउंट खुल जाएगा। तीन वर्ष स्नातक की पढ़ाई के बाद एक वर्ष छात्र शोध कार्य कर सकेंगे। इसके बाद सीधे पीएचडी में भी प्रवेश ले सकेंगे।
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विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई कराई जा रही है। सेमेस्टर प्रणाली से परीक्षाएं कराने के साथ ही सभी छात्रों का समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण किया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों का एबीसी में पंजीकरण किया जा रहा है। परीक्षा नियंत्रक डाॅ. ओम प्रकाश ने बताया कि स्नातक, परास्नातक और आवासीय संस्थानों के 2.50 लाख छात्रों के एबीसी में पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है।
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हर छात्र को एक आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। सेमेस्टर परीक्षा का परिणाम घोषित होने के साथ ही एबीसी में छात्र के खाते में क्रेडिट जुड़ जाएंगे। स्नातक और परास्नातक के पाठ्यक्रम में बीच में छात्र पढ़ाई छोड़ देता है और कुछ वर्ष बाद दोबारा पढ़ाई करना चाहता है तो एबीसी के खाते से ही आगे की कक्षा में उसका प्रवेश हो जाएगा। इसके साथ ही छात्र विश्वविद्यालय भी बदल सकेंगे।
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जुलाई से चार वर्ष का इंटीग्रेटेड स्नातक पाठ्यक्रम
विश्वविद्यालय जुलाई 2025 से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड स्नातक पाठ्यक्रम शुरू कर रहा है। इसमें प्रवेश लेने के साथ ही छात्र का एबीसी में एकाउंट खुल जाएगा। तीन वर्ष स्नातक की पढ़ाई के बाद एक वर्ष छात्र शोध कार्य कर सकेंगे। इसके बाद सीधे पीएचडी में भी प्रवेश ले सकेंगे।