{"_id":"59a598424f1c1b5d738b4569","slug":"agra-university-b-ed-fraud","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा विविः सात दिन में यूं बीएड फर्जीवाड़े की तह तक पहुंची एसआईटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा विविः सात दिन में यूं बीएड फर्जीवाड़े की तह तक पहुंची एसआईटी
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 30 Aug 2017 09:11 AM IST
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agra university
- फोटो : agra university
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डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के फर्जी मार्कशीट प्रकरण में छह लिपिक पहले ही चिन्हित किए जा चुके हैं। अब 24 और नाम मिले हैं। इनमें अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। एसआईटी ने सात दिन विवि के तीन विभागों के दफ्तर छानकर इनकी सूची तैयार की है।
इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए जल्द ही शासन को रिपोर्ट भेजे जाने की तैयारी है। ये कर्मचारी परीक्षा विभाग, गोपनीय विभाग, चार्ट रूम, बीएड विभाग के बताए जा रहे हैं। इन सभी के हस्ताक्षर उन चार्ट पर पाए गए हैं जो 2003-04 के सत्र में तैयार किए गए थे। इन चार्ट में फर्जी मार्कशीट का विवरण दर्ज किया गया है।
एसआईटी ने यह भी पाया कि फर्जी मार्कशीट सत्यापन के लिए आई तो सही रिपोर्ट नहीं दी गई। सत्यापन करके दे दिया गया। इन सभी चार्ट से हस्ताक्षरों के नमूने लिए गए। इन्हें नियुक्ति विभाग को भेजा गया। वहां से इनके नमूनों का मिलान कराया गया।
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इसके बाद यूनिवर्सिटी से विवरण हासिल किया गया। अब सूची तैयार हो चुकी है। इस मामले की जांच में लगी टीम के एक अधिकारी ने बताया कि सात दिन तक इसी बिंदू पर जांच चली है कि कौन-कौन आरोपी है।
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इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए जल्द ही शासन को रिपोर्ट भेजे जाने की तैयारी है। ये कर्मचारी परीक्षा विभाग, गोपनीय विभाग, चार्ट रूम, बीएड विभाग के बताए जा रहे हैं। इन सभी के हस्ताक्षर उन चार्ट पर पाए गए हैं जो 2003-04 के सत्र में तैयार किए गए थे। इन चार्ट में फर्जी मार्कशीट का विवरण दर्ज किया गया है।
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एसआईटी ने यह भी पाया कि फर्जी मार्कशीट सत्यापन के लिए आई तो सही रिपोर्ट नहीं दी गई। सत्यापन करके दे दिया गया। इन सभी चार्ट से हस्ताक्षरों के नमूने लिए गए। इन्हें नियुक्ति विभाग को भेजा गया। वहां से इनके नमूनों का मिलान कराया गया।
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इसके बाद यूनिवर्सिटी से विवरण हासिल किया गया। अब सूची तैयार हो चुकी है। इस मामले की जांच में लगी टीम के एक अधिकारी ने बताया कि सात दिन तक इसी बिंदू पर जांच चली है कि कौन-कौन आरोपी है।
अगले सप्ताह फिर आएगी एसआईटी
जांच अभी चल रही है। एसआईटी के अधिकारी अगले सप्ताह फिर से यूनिवर्सिटी पहुंचेंगे। इस बार कड़ी कार्रवाई हो सकती है। शासन से अनुमति का इंतजार है। विवि. के आला अफसरों को बता दिया गया है कि फर्जी मार्कशीट प्रकरण में जिन कर्मचारियों की गर्दन फंस रही है, वे कार्रवाई से बच नही पाएंगे। उनके खिलाफ साक्ष्य मिल चुकेहैं। जांच को और आगे बढ़ाने के लिए एसआईटी के अधिकारी अगले सप्ताह चार पांच दिन के लिए विवि. में डेरा डालेंगे।