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Agra Suicide: कर्ज से परेशान किसान ने फंदा लगाकर दी जान, बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की पैदावार हुई थी कम
Fri, 21 Apr 2023 08:17 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 21 Apr 2023 08:17 AM IST
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फाइल फोटो
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के बाह के जैतपुर के मुकुंदपुरा (गढ़वार) गांव के किसान बृजेश कुमार उर्फ छोटे (40) ने घर में ही फंदे से लटककर जान दे दी। परिजन ने पुलिस को बताया कि वह कर्ज से परेशान थे।
बारिश और ओलावृष्टि की वजह से बटाई पर लिए खेत में गेहूं की पैदावार भी कम हुई थी। पैदावार कम होने से वह 4-5 दिन से गुमसुम थे। परिजन के मुताबिक, सुबह में परिजन जागे तो कमरे में फंदे पर बृजेश का शव लटका मिला।
वह बंटाई पर खेती के साथ मजदूरी करते थे। उनकी मौत से परिवार टूट गया है। पत्नी पूजा देवी और मां बिटोला देवी की रो-रोकर हालत खराब है। पत्नी बार-बार यही कहती रही कि अब बच्चों गोपाल और गोविंद की परवरिश किसके भरोसे करेगी।
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वहीं किसान की मौत की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की पड़ताल की। परिजन ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इस पर जैतपुर पुलिस ने पंचायतनामा भरकर शव घरवालों को सौंप दिया। वहीं पत्नी के मुताबिक किसान के ऊपर करीब दो लाख रुपये का कर्ज था, जिसे चुकाने को लेकर वह परेशान थे।
मामले में थानाध्यक्ष जैतपुर ईश्वर तोमर ने बताया कि कर्ज के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। हालांकि परिवार की आर्थिक हालत बेहद कमजोर है। परिजन ने शव का पोस्टमार्टम भी कराने से इंकार कर दिया है।
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बारिश और ओलावृष्टि की वजह से बटाई पर लिए खेत में गेहूं की पैदावार भी कम हुई थी। पैदावार कम होने से वह 4-5 दिन से गुमसुम थे। परिजन के मुताबिक, सुबह में परिजन जागे तो कमरे में फंदे पर बृजेश का शव लटका मिला।
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वह बंटाई पर खेती के साथ मजदूरी करते थे। उनकी मौत से परिवार टूट गया है। पत्नी पूजा देवी और मां बिटोला देवी की रो-रोकर हालत खराब है। पत्नी बार-बार यही कहती रही कि अब बच्चों गोपाल और गोविंद की परवरिश किसके भरोसे करेगी।
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वहीं किसान की मौत की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की पड़ताल की। परिजन ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इस पर जैतपुर पुलिस ने पंचायतनामा भरकर शव घरवालों को सौंप दिया। वहीं पत्नी के मुताबिक किसान के ऊपर करीब दो लाख रुपये का कर्ज था, जिसे चुकाने को लेकर वह परेशान थे।
मामले में थानाध्यक्ष जैतपुर ईश्वर तोमर ने बताया कि कर्ज के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। हालांकि परिवार की आर्थिक हालत बेहद कमजोर है। परिजन ने शव का पोस्टमार्टम भी कराने से इंकार कर दिया है।