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UP: वाराणसी और अयोध्या की तर्ज पर संवारे जाएंगे आगरा के शिवालय, 150 करोड़ होंगे खर्च; जानें क्या है योजना
Mon, 07 Oct 2024 03:25 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 07 Oct 2024 03:25 PM IST
सार
आगरा का ताजमहल ही नहीं यहां के शिवालय भी अद्भुत हैं। बात करें बटेश्वर की मंदिर शृंखला की या फिर यमुना किनारे स्थित कैलाश महादेव मंदिर की। अब इन सांस्कृतिक विरासतों को सहेजने के लिए मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। छह मंदिरों का शिवालय सर्किट बनेगा।
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बटेश्वर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन व सांस्कृतिक विरासतों को सहेजने के लिए मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। छह मंदिरों का शिवालय सर्किट बनेगा, जो आस्था और प्रेरणा का केंद्र होगा। पर्यटन विभाग करीब 150 करोड़ रुपये से धर्मस्थलों पर बुनियादी विकास व जीर्णोद्धार कराएगा।
वाराणसी व अयोध्या की तर्ज पर प्राचीन शिवालयों को संवारा जाएगा। यमुना किनारे बने बटेश्वर की मंदिर शृंखला से लेकर मन:कामेश्वर, कैलाश महादेव, फूलेश्वर, वनखंडी मंदिर पर जनसुविधाएं विकसित होंगी। बटेश्वर में यमुना रिवर फ्रंट बनेगा।
यमुना किनारे बने 42 मंदिर इस प्रोजेक्ट में शामिल हैं। लेजर शो से शिव महिमा बयां की जाएगी। 17.57 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंदिरों को उनकी प्राचीन शैली में विकसित किया जाएगा। प्रोजेक्ट में बटेश्वर, पंचमुखेश्वर, नीलकंठ, रामेश्वर, नरबंधेश्वर, केदारनाथ, सोमनाथ, फुटा मंदिर, बैजनाथ, अमरनाथ, बड़े बांकेबिहारी, मल्लिकार्जुन आदि मंडलभर के मंदिर शामिल हैं।
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पर्यटन अधिकारी दीप्ति वत्स ने बताया कि शहर में चारों कोनों पर शिव मंदिर हैं। चरणबद्ध तरीके से इनका विकास होगा। श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने बताया कि ताजमहल के अलावा शहर में शिवालय भी पर्यटन का नया केंद्र बनेंगे।
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वाराणसी व अयोध्या की तर्ज पर प्राचीन शिवालयों को संवारा जाएगा। यमुना किनारे बने बटेश्वर की मंदिर शृंखला से लेकर मन:कामेश्वर, कैलाश महादेव, फूलेश्वर, वनखंडी मंदिर पर जनसुविधाएं विकसित होंगी। बटेश्वर में यमुना रिवर फ्रंट बनेगा।
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यमुना किनारे बने 42 मंदिर इस प्रोजेक्ट में शामिल हैं। लेजर शो से शिव महिमा बयां की जाएगी। 17.57 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंदिरों को उनकी प्राचीन शैली में विकसित किया जाएगा। प्रोजेक्ट में बटेश्वर, पंचमुखेश्वर, नीलकंठ, रामेश्वर, नरबंधेश्वर, केदारनाथ, सोमनाथ, फुटा मंदिर, बैजनाथ, अमरनाथ, बड़े बांकेबिहारी, मल्लिकार्जुन आदि मंडलभर के मंदिर शामिल हैं।
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पर्यटन अधिकारी दीप्ति वत्स ने बताया कि शहर में चारों कोनों पर शिव मंदिर हैं। चरणबद्ध तरीके से इनका विकास होगा। श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने बताया कि ताजमहल के अलावा शहर में शिवालय भी पर्यटन का नया केंद्र बनेंगे।