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खाकी के साथ निभाया इंसानियत का फर्ज: बुजुर्ग महिला की मौत के बाद किया अंतिम संस्कार, ऑनलाइन जुड़ा परिवार

Thu, 06 May 2021 08:42 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 06 May 2021 08:42 AM IST
सार

महिला के दो बेटे हैं और दोनों दुबई में होटल का कारोबार करते हैं, उनके परिवार भी वहीं रहते हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद होने के कारण परिवार आ नहीं सका। महिला के पति महेश वहाबी मुंबई में कारोबार करते हैं। लाकडाउन के कारण वे भी नहीं आ पा रहे थे।

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Agra Police Cremation Woman And Joined Family Online
पुलिस ने महिला का कराया अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एक मां को मौत के बाद बेटों का कंधा नसीब नहीं हो सका। कोरोना संक्रमण की वजह से जहां दो बेटे विदेश से मां के अंतिम दर्शन के लिए नहीं आ सके, वहीं पति भी लॉकडाउन की वजह से मुंबई में फंसे रह गए। आखिर में खाकी ने न सिर्फ ड्यूटी की, बल्कि इंसानियत का फर्ज भी निभाया। एकता चौकी के दरोगा शैलेंद्र सिंह ने मृतका शारदा देवी को उनके नौकर के साथ मुखाग्नि दी। इस दौरान एक पड़ोसी ने परिवार के लोगों को अंतिम संस्कार मोबाइल एप की मदद से लाइव दिखाया।
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शमसाबाद रोड स्थित जयपुरिया सनराइज कॉलोनी में शारदा देवी अकेली रहती थीं। उनके बेटे अर्जुन और निरंजन दुबई में परिवार सहित रहते हैं। पति महेश वहाबी मुंबई में रह रहे थे। एसआई शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार रात को सूचना मिली कि घर में अकेली रह रहीं शारदा देवी की मौत हो गई है।
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पुलिस के पहुंचने पर पता चला कि तीन दिन से उन्हें खांसी, जुकाम और बुखार था। इससे कोरोना संक्रमण से मौत की आशंका जाहिर की गई। इस कारण पड़ोस के लोग घर के अंदर जाने के लिए तैयार नहीं थे। इस पर पुलिस ने पीपीई किट पहनकर शव को पोस्टमार्टम गृह में एसी ताबूत में रखवा दिया। उधर, परिवार के लोगों से बात की। मगर, कोरोना संक्रमण की वजह से वो नहीं आ सके।
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बेटे अर्जुन ने मंगलवार शाम को दरोगा शैलेंद्र सिंह के पास सहमति पत्र भेजा। इसमें लिखा कि वह आने में असमर्थ हैं। इस कारण पुलिस नियमानुसार ही अंतिम संस्कार करा दे। इस पर शैलेंद्र सिंह ने तैयारी की। अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद बुधवार दोपहर को ताजगंज शमशान घाट में शव लाया गया। पीपीई किट पहनकर चिता तैयारी की गई। महिला के नौकर बेचु बारी उर्फ बिरजु और पड़ोसी राहुल भी मौजूद रहे। वहीं पुलिसकर्मियों में दरोगा के अलावा हेड कांस्टेबल अनिरुद्ध पांडेय, सिपाही अजीत मौजूद रहे। सभी ने अंतिम संस्कार में भाग लिया। दरोगा शैलेंद्र सिंह और नौकर बिरजु ने मुखाग्नि दी। इस दौरान बेटों, महिला के भाई सतीश रोहरा और पति को मोबाइल एप की मदद से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लाइव भी दिखाया गया। पुलिस के इस मानवीय कार्य की परिवार के लोगों ने सराहना की। 

कीमती जेवर संभालकर रखे गए, नौकर को दी जाएंगी अस्थियां
दरोगा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि बेटे अर्जुन ने कहा था कि मां के साथ नौकर बिरजू रहता था। इसलिए मां की अस्थियां उसे दे दी जाएं। वहीं जो जेवरात महिला ने पहन रखे थे। उनको भी पुलिस ने सुरक्षित रख लिया है। परिवार के लोगों के आने पर यह सामान उपलब्ध कराया जाएगा। इनमें हीरे के कड़े भी शामिल हैं। 

पति बिल्डर तो बेटे हैं होटल व्यवसायी
शारदा देवी जयपुरिया सनराइज कालोनी में अकेली रहती थी। उनके दो बेटे अर्जुन और निरंजन परिवार के साथ दुबई में रहते हैं। दोनों का होटल का अच्छा व्यवसाय है। मगर, फ्लाइट बंद होने की वजह से वह नहीं आ सके। पुलिस ने जब उन्हें मां के अंतिम दर्शन कराए तो उनके आंसू निकल आए। वहीं महिला के पति महेश भी मुंबई में बड़े बिल्डर हैं। पाश कालोनी में रहते हैं। मगर, लॉक डाउन होने की वजह से नहीं आ सके। 

दरोगा बोले, तेरहवीं पर कराऊंगा ब्राह्मण भोज
शैलेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण में जहां पड़ोसी भी साथ नहीं दे पा रहे हैं, वहीं अपनों से अपने भी दूर हो गए हैं। उन्होंने महिला का अंतिम संस्कार किया है। अब वह बाकी सभी धार्मिक रस्म की भी अदायगी करेंगे। तेरहवीं पर ब्राह्मणों को भोजन कराएंगे।
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