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'सुनिए वित्तमंत्री जी ! फूड प्रोसेसिंग यूनिट बने तो बढ़ेगी आगरा के पेठे की मिठास'

Mon, 25 Jan 2021 12:04 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 25 Jan 2021 12:04 AM IST
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Agra petha traders food processing unit In Budget 2021
पेठा

ताजनगरी के प्रमुख उद्योगों में शुमार पेठा उद्योग को फूड प्रोसेसिंग यूनिट की दरकार है। करीब 20 साल पुरानी मांग को अब तक नजरंदाज किया जाता रहा है। उद्यमियों का तर्क है कि इसके बनने से पेठा उद्योग की मिठास और बढ़ जाएगी। अनुमानित 100 टन कुम्हड़ा को बर्बाद होने से बचाया जा सकेगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय पटल पर भी उद्योग चमक उठेगा।

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शहीद भगत सिंह पेठा कुटीर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि आगरा में पेठा उद्योग पिछले 200 सालों से स्थापित है। पूर्व में औषधि के रूप में प्रयोग होता था, अब बड़े पैमाने पर मिष्ठान बनाया जाता है। 
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इतना विस्तार होने के बावजूद कुम्हड़ा को बर्बाद होने से नहीं बचाया जा पाता है। क्योंकि त्योहारी सीजन में तो कुम्हड़ा की खपत हो जाती है, लेकिन गैर सीजन में पर्याप्त मात्रा में प्रयोग नहीं हो पाता है। इसके लिए यूनिट की जरूरत है। इससे अनुमानित दो लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

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यह भी मांग
कारोबारियों के मुताबिक पेठे पर पांच फीसदी जीएसटी है। कायदे से कुटीर उद्योग को करमुक्त होना चाहिए। इसलिए क्योंकि इससे जुड़े अधिकांश लोग पढ़े लिखे नहीं है। जिससे हिसाब किताब करना मुश्किल हो जाता है।

किसानों को भी होगा लाभ
पेठा कारोबारी यथार्थ अग्रवाल ने कहा कि उद्योग वर्षों से स्थापित है। यूनिट बनने से उद्यमियों की तरक्की का रास्ता प्रशस्त होगा। किसान को सीधे तौर पर लाभ हो सकेगा। 

बड़े पैमाने पर हो सकेगा निर्यात
पेठा कारोबारी सुनील सिंघल ने कहा कि अभी शहर के आसपास ही आपूर्ति करते हैं। यूनिट बनने से देशभर में आपूर्ति के अलावा निर्यात भी बड़े पैमाने पर कर सकेंगे। 

सीजन में भी फल की कमी नहीं पड़ेगी
कारोबारी पंकज शर्मा ने कहा कि बजट में हमारी मांग मानी जाए तो गैर सीजन ही नहीं बल्कि सीजन में भी फल की कमी नहीं पड़ेगी। इसके चलते अभी हमें महंगे भाव पर फल खरीदना पड़ता है। 

किसी प्रकार का अनुदान नहीं चाहिए
कारोबारी रोहित ने कहा कि हमें सरकार से किसी प्रकार का अनुदान नहीं चाहिए। उद्यमी सक्षम है, बस जरूरत हाथ बढ़ाने की है। लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया जाए।

बढ़ जाएगी पेठा इकाइयों की संख्या
कारोबारी पवन गर्मा ने कहा कि हर बजट में राहत की आस होती है। लेकिन निराशा ही हाथ लगती है। यूनिट तैयार होने से पेठा इकाई की संख्या भी बढ़ जाएगी।

... बर्बादी हो जाना ठीक नहीं
कारोबारी संजीव बंसल ने कहा कि किसान मेहनत से पैदावार करता है। उसके बावजूद बर्बादी हो जाना ठीक नहीं है। यूनिट बनने से किसान लाभान्वित हो सकेगा। 

एक नजर आंकड़ों पर
- 500 पेठा इकाइयां।
- 50 हजार लोगों को रोजगार।
- 100 करोड़ का टर्नओवर।
- लॉकडाउन से 50 करोड़ का नुकसान।
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