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उत्तर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवारों की 'अग्निपरीक्षा', भीषण गर्मी में छूट रहे पसीने
Thu, 02 May 2019 01:31 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 02 May 2019 01:31 PM IST
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आगरा उत्तर विधानसभा सीट पर उपचुनाव उम्मीदवारों के लिए 'अग्निपरीक्षा' से कम नहीं है। भीषण गर्मी में उम्मीदवारों के पसीने छूट रहे हैं। दोपहर को सड़कों पर सन्नाटा रहता है। ऐसे में उम्मीदवार वोट मांगने जाएं भी तो किससे?
यहां ज्यादातर कामकाजी लोग हैं, सुबह ही घरों से निकल जाते हैं। ऐसे में उम्मीदवारों की तैयारी बैठक करने तक सीमित है। सभी दल संगठनों की बैठक कर रहे हैं। इन्हीं के सहारे संदेश दिया जा रहा है। सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है।
गठबंधन, भाजपा और कांग्रेस के नेता लगातार मीटिंग कर रहे हैं। कभी पार्टी संगठन की मीटिंग तो कभी किसी सामाजिक संगठन के साथ। जल्द ही नुक्कड़ सभाएं भी की जाएंगी। मतदान की तारीख निकट आने पर बाइक रैली और पैदल जुलूस निकाले जाएंगे।
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यहां ज्यादातर कामकाजी लोग हैं, सुबह ही घरों से निकल जाते हैं। ऐसे में उम्मीदवारों की तैयारी बैठक करने तक सीमित है। सभी दल संगठनों की बैठक कर रहे हैं। इन्हीं के सहारे संदेश दिया जा रहा है। सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है।
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गठबंधन, भाजपा और कांग्रेस के नेता लगातार मीटिंग कर रहे हैं। कभी पार्टी संगठन की मीटिंग तो कभी किसी सामाजिक संगठन के साथ। जल्द ही नुक्कड़ सभाएं भी की जाएंगी। मतदान की तारीख निकट आने पर बाइक रैली और पैदल जुलूस निकाले जाएंगे।
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बिना रैली-रोड शो के प्रचार
वैसे भी उत्तर विधानसभा सीट के उप चुनाव में राजनीतिक दलों की रणनीति थोड़ी सी अलग है। इस चुनाव में न रैलियां होंगी, न रोड शो और न ही बड़े नेता आएंगे। उम्मीदवारों को अपने दम पर ही चुनावी जंग को फतह करना है। जोर दो बातों पर हैं। अपने वोटरों का मतदान प्रतिशत बढ़ाया जाए। दूसरा बूथ पर ज्यादा से ज्यादा लोग तैनात किए जाएं।
लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर के मतदाताओं ने 18 अप्रैल को वोट डाले। अब एक महीने बाद ही फिर से वोट डालने होंगे। ऐसे में राजनैतिक दलों को डर है कि मतदान का प्रतिशत कम रह सकता है। वैसे भी जिले में उत्तर के लोग वोट डालने में पीछे हैं। 10 मई के बाद स्कूलों की छुट्टी शुरू हो जाएंगी। ऐसे में काफी वोटर सैर पर निकल सकते हैं।
लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर के मतदाताओं ने 18 अप्रैल को वोट डाले। अब एक महीने बाद ही फिर से वोट डालने होंगे। ऐसे में राजनैतिक दलों को डर है कि मतदान का प्रतिशत कम रह सकता है। वैसे भी जिले में उत्तर के लोग वोट डालने में पीछे हैं। 10 मई के बाद स्कूलों की छुट्टी शुरू हो जाएंगी। ऐसे में काफी वोटर सैर पर निकल सकते हैं।