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घेरे में आगरा मॉडल: सात दिन में 158 नए मरीज मिलने से ध्वस्त हुए इंतजाम

Fri, 01 May 2020 09:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा चंद्रमोहन शर्मा, अमर उजाला, आगरा
चंद्रमोहन शर्मा, अमर उजाला, आगरा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 01 May 2020 09:17 AM IST
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Agra model in siege as arrangements collapsed after 158 new patients were found in seven days
मॉडल पर सवाल... - फोटो : अमर उजाला

अदूरदर्शिता, अनदेखी और अनिर्णय से बनी बनाई बात कैसे बिगड़ जाती है, इसका हालिया उदाहरण है आगरा। कोरोना से निपटने में आगरा मॉडल की 12 अप्रैल को केंद्र सरकार ने तारीफ की, पूरे देश में लागू करने की बात कही लेकिन 14 से 21 अप्रैल के बीच 158 नए मामले मिल गए और सारे किए धरे पर पानी फिर गया। अब यहां बृहस्पतिवार शाम मिले 46 और मरीजों के साथ 479 संक्रमित हैं।  

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सवाल है कि संक्रमण नियंत्रण में मॉडल माना जाने वाला आगरा कैसे प्रदेश का सबसे संक्रमित जिला बन गया है। मॉडल पर सवाल तभी उठ गए थे, जब संक्रमण न रुकने पर केजीएमयू, लखनऊ की टीम ने अपनी रिपोर्ट में इसके लिए अफसरों की लापरवाही को जिम्मेदार बताया।
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उपचार का नोडल सेंटर जिस एसएन मेडिकल कॉलेज को बनाया गया, वहां अफसरों में तालमेल नहीं था। प्राचार्य छुट्टी लेकर चले गए। डॉक्टरों और स्टाफ को समुचित ट्रेनिंग नहीं दी गई थी।
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यूं बिगड़े हालात...
अप्रैल के शुरू में नई चुनौती आई, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ संक्रमित मिलने लगे। इनसे संक्रमण मोहल्लों तक पहुंच गया। सब्जी और दूध वाले भी संक्रमित मिले। 100 जमातियों के संक्रमित मिलने से हालात और खराब हो गए। 14 से 21 अप्रैल के बीच मरीज दोगुने हो गए।

संक्रमण काबू में रखने पर हुई थी तारीफ
मार्च में सिर्फ 12 मरीज थे। तब चुनौती थी, विदेश से लौटे लोगों की जांच कराना और संक्रमितों से संक्रमण न फैलने देना। मरीजों के सम्पर्क में आए लोगों को आइसोलेट किया संदिग्ध लोगों के सैम्पल लिए। मरीज नहीं बढ़े तो अफसरों की वाहवाही हुई।

बरकरार न रख पाए खूबियां, बढ़ती गईं खामियां
-आगरा मॉडल हर मरीज की कांटेक्ट हिस्ट्री ट्रेस करने के लिए सराहा गया, 14 अप्रैल के बाद सब्जी विक्रेता, दूध वाले संक्रमित मिले तो संक्रमण की वजह का पता नहीं चला।
-जरूरी सामान पहुंचाने के लिए तारीफ हुई, बाद में सब कुछ रोक दिया।
-शुरू में लॉकडाउन पालन कराने के लिए पुलिस स्पेशल एप, ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल किया। मरीज बढ़ने पर लाठियां चलाई, इसका विरोध हुआ।  
 

बड़ी चूकें
अस्पतालों से संक्रमण फैल सकता है, इस पर पहले ध्यान नहीं दिया, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ का प्रशिक्षण नहीं हुआ। निर्णय लेने में अदूरदर्शिता-मसलन सब्जीमंडी खोली..फिर बंद की।

ऐसे घिरा प्रशासन
21 को मेयर नवीन जैन ने सीएम योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर कहा, मेरे शहर को वुहान बनने से बचा लीजिए। 22 को राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने कहा, प्रशासन हर मोर्चे पर फेल।  प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने मॉडल पर सवाल उठाए।

जिम्मेदार बोले-फिलहाल सब ठीक
आगरा में सैंपल सबसे ज्यादा लेने से ज्यादा मरीज सामने आए। लगभग 5500 नमूने लिए गए। इतने प्रदेश में कहीं और नहीं हैं। जमातियों से संक्रमण तेजी से फैला। हमारा फोकस हॉटस्पॉट पर है। पूल सैंपलिंग करा रहे हैं। सब्जी और दूध वालों के भी नमूने ले रहे हैं। दिक्कतें दूर कर लिया गया है। -मुकेश वत्स, सीएमओ

विदेश से यहां काफी लोग आए, दूसरे अस्पतालों से भी संक्रमण फैला। अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मरीज हॉटस्पॉट से हैं। हमारा ध्यान इन्हीं क्षेत्रों पर है। नमूने लेने का काम तेजी से जारी है। कुछ दिन से संक्रमण की रफ्तार कम हुई है। हम सही दिशा में जा रहे हैं। जल्दी ही हालात नियंत्रण में आ जाएंगे।  -प्रभु एन सिंह, डीएम  
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