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Agra Metro: यूपीएमआरसी के सामने यह है बड़ी 'चुनौती', देरी हुई तो 75 लाख रुपये प्रतिदिन का नुकसान

Mon, 07 Dec 2020 06:23 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 07 Dec 2020 06:23 AM IST
सार

  • उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सामने आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना भी सबसे बड़ी चुनौती है।

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Agra Metro Project: Making tunnel for metro big challenge to UPMRC
आगरा मेट्रो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा मेट्रो दिल्ली-नोएडा मेट्रो से अधिक आधुनिक होगी, लेकिन इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) को चुनौतियां का सामना भी करना पड़ेगा। यूपीएमआरसी के एमडी केशव कुमार के अनुसार कई घने इलाकों में भूमिगत ट्रैक बनेगा। ऐसे में यहां टनल बनाने में समय लगेगा। टनल बनाना और प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती है।

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पहले कॉरिडोर के लिए दो साल में छह स्टेशनों के बीच मेट्रो सेवा शुरू होगी। इनमें तीन एलिवेटेड स्टेशन ताजपूर्वी गेट, बसई और फतेहाबाद के लिए टेंडर हो चुके हैं। ताजमहल, आगरा फोर्ट और जामा मस्जिद स्टेशन व ट्रैक जमीन के नीचे बनेंगे। यूपीएमआरसी के एमडी केशव कुमार के अनुसार यह इलाका घना है। ऐसे में यहां टनल (सुरंग) बनाने में समय लगेगा। 
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यूपीएमआरसी के सामने प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना भी सबसे बड़ी चुनौती है। प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने बताया कि जो समय सीमा तय की गई है, उसमें काम पूरा किया जाएगा। अगर प्रोजेक्ट पिछड़ता है तो हमें 75 लाख रुपये प्रतिदिन का नुकसान होगा। 

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यूपीएमआरसी के एमडी ने बताया कि तीन मेट्रो स्टेशन, पीएसी डिपो, रोलिंग स्टोक (कोच), सिग्नलिंग व ट्रैक के लिए टेंडर हो चुके हैं। सिविल वर्क के जो टेंडर बचे हैं उन्हें भी जल्द खोला जाएगा। प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आगरा मेट्रो के लिए 650 लोगों का संचालन स्टाफ होगा।

1800 पेड़ कटेंगे, 3600 पौधे लगाए जाएंगे

यूपीएमआरसी के एमडी ने बताया कि पूरे आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट के दौरान करीब 1800 पेड़ काटे जाएंगे। इनमें कई पेड़ों को रीलोकेट भी किया जाएगा। जितने पेड़ कटेंगे उनकी जगह दोगुने पेड़ लगाए जाएंगे। बता दें कि सबसे पहले ताज पूर्वी गेट से जामा मस्जिद तक का प्राथमिक सेक्शन तैयार होगा। यह पहले कॉरीडोर का हिस्सा है। प्रथम कॉरीडोर ताज पूर्वी गेट से सिकंदर तक होगा।
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