फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Agra Metro Precast ring segments being prepared in Mahuakheda for tunnel construction

Agra Metro: टनल निर्माण के लिए महुआखेड़ा में तैयार हो रहे प्रीकास्ट रिंग सेगमेंट्स, तेज हुआ काम

Sat, 15 Oct 2022 02:25 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 15 Oct 2022 02:25 PM IST
सार

आगरा मेट्रो टनल की औसत गहराई लगभग 16 मीटर होगी, जबकि अधिकतम 20 मीटर होगी। टनल बोरिंग मशीन विभिन्न हिस्सों में विभाजित होती है। टीबीएम के सबसे अग्रिम हिस्से को कटिंग हैड कहा जाता है, जिसकी मदद से सुरंग की खुदाई की जाती है।  
 

विज्ञापन
Agra Metro Precast ring segments being prepared in Mahuakheda for tunnel construction
आगरा मेट्रो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के महुआखेड़ा स्थित नए कास्टिंग यार्ड में टनल निर्माण के लिए रिंग के सेगमेंट्स की कास्टिंग की जा रही है। आगरा मेट्रो के लगभग सात किमी लंबे भूमिगत भाग में 5.8 मीटर व्यास की दो समानांतर सुरंगों के निर्माण के लिए 8300 रिंग का प्रयोग किया जाएगा। आगरा मेट्रो के लिए प्रयोग की जाने वाली एक रिंग की चौड़ाई 1.4 मीटर होगी।
विज्ञापन


टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) से मिट्टी की कटाई के बाद टीबीएम के जरिए इन रिंग सेगमेंट्स को लगाकर टनल का निर्माण किया जा रहा है। प्रीकास्ट तकनीक से निर्मित रिंग के 6 अलग-अलग सेगमेंट्स मिलकर 5.8 मीटर व्यास की एक रिंग का निर्माण करेंगे। टनल रिंग के सभी सेगमेंट्स एक-दूसरे से इंटरलॉक्ड होने के साथ ही पिछली व अग्रिम रिंग के साथ इंटरलॉक्ड होंगे। 
विज्ञापन


टनल निर्माण की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जाती है। इस प्रक्रिया में सबसे पहले टीबीम की लॉन्चिंग को एक लॉन्चिंग शाफ्ट का निर्माण किया जाता है। इसके बाद टीबीएम के पिछले हिस्से में कास्टिंग यार्ड में प्रीकास्ट तकनीक से निर्मित टनल रिंग के हिस्सों को रखा जाता है। एक टीबीएम मशीन एक दिन में औसतन 10 मीटर टनल का निर्माण करती है। आगरा मेट्रो टनल की औसत गहराई लगभग 16 मीटर होगी, जबकि अधिकतम 20 मीटर होगी।  
विज्ञापन
विज्ञापन


टनल बोरिंग मशीन विभिन्न हिस्सों में विभाजित होती है। टीबीएम के सबसे अग्रिम हिस्से को कटिंग हैड कहा जाता है, जिसकी मदद से सुरंग की खुदाई की जाती है। आगरा मेट्रो द्वारा प्रयोग की जाने वाली टीबीएम का डायामीटर 6.6 मीटर होगा। कटिंग हैड में एक विशेष किस्म के केमिकल के छिड़काव की भी व्यवस्था होती है, जोकि कटिंग हेड पर लगे नॉज़ल के द्वारा मिट्टी पर छिड़का जाता है। इस केमिकल की वजह से मिट्टी कटर हैड पर नहीं चिपकती और आसानी मशीन में लगी कनवेयर बेल्ट की मदद मशीन के पिछले हिस्से में चली जाती है, जहां से ट्रॉली के जरिए मिट्टी को टनल से बाहर लाकर डम्पिंग एरिया में भेज दिया जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed