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नमामि भक्तवत्सलं कृपालु शील कोमलं...

Wed, 28 Sep 2016 01:19 AM IST
नमामि भक्तवत्सलं कृपालु शील कोमलं...
नमामि भक्तवत्सलं कृपालु शील कोमलं... Updated Wed, 28 Sep 2016 01:19 AM IST
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नमामि भक्तवत्सलं कृपालु शील कोमलं... - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

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धवल रोशनी में जगमगाता जनक महल। चारों ओर रंग-बिरंगी रोशनियां, लाखों की संख्या में लोग। कण-कण राम भक्ति में सराबोर। जनकपुरी (बल्केश्वर) में असंख्य अद्भुत दृश्य थे लेकिन आस्था का सैलाब हर दृश्य को दरकिनार कर केवल उस ओर उमड़ रहा था, जहां जनक दुलारी सिया अपने राम के साथ विराजमान थीं। दर्शन के प्यासे नैनों को जैसे ही युगल छवि का दीदार होता, मन के तार झंकृत हो जाते और सियावर रामचंद्र की जय जयकार गूंजती। कुछ ऐसी ही नजारा था मंगलवार शाम को जनकपुरी क्षेत्र का। 

उत्तर भारत की प्रमुख राम बरात और जनकपुरी महोत्सव में दूसरे दिन (मंगलवार) भगवान राम और माता सीता के प्रतीक तुलसी और सालिग्राम के पाणिग्रहण संस्कार के बाद भगवान राम और सीता ने बल्केश्वर में श्वेत जनकमहल में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देकर निहाल किया।
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राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के साथ जनक दुलारी सीता, दशरथ, माता कौशल्या, गुरु वशिष्ठ और विश्वामित्र जनवासे (सुदर्शन कोल्ड स्टोर) से जनकपुरी भ्रमण को निकले। बैंडबाजों के बीच जनकपुरी की जनता ने राजकुमार राम की आरती उतारकर और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। बल्केेश्वर महादेव मंदिर पर महंत कपिल नागर और सुनील नागर ने प्रभु राम की आरती उतारी।
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उधर, जनक महल पर भगवान के स्वरूपों का बेसब्री से इंतजार था। महल के बाहर आस्था का सागर अनियंत्रित होने लगा। सुरक्षाकर्मियों को उन्हें नियंत्रण करने में परेशानी हो रही थी। रात करीब 10 बजे जैसे ही स्वरूप जनक महल पर पहुंचे चारों ओर जय श्रीराम, माता जानकी की जय जयकार होने लगी। जनक महल में मंच पर पहुंचते ही पहली आरती पद्मश्री कवि गोपाल दास ‘नीरज, राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर, नवीन जैन, सर्व प्रकाश कपूर (शौकी), रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक जगन गर्ग, विपुल पुरोहित आदि ने भगवान राम की आरती की। इसके बाद दूसरी आरती राजा जनक (नंद किशोर सुगंधी) के परिवार ने की। इसके बाद सांस्कृतिक संध्या हुई। फिर स्वरूप विश्राम करने चले गए। इस मौके पर कमेटी की कार्यकारी अध्यक्ष कुंदनिका शर्मा, संजय श्रीवास्तव, केशव अग्रवाल, ताराचंद मित्तल, वत्सला प्रभाकर, उर्मिला अग्रवाल, महेश जौहरी, संजय अग्रवाल, राजकुमार बॉबी, धर्र्मेंद्र, सौरभ गुप्ता, निर्वेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

जनक मंच के साथ सेल्फी
युवाओं में सेल्फी का क्रेज जनकपुरी में छाया रहा। युवाओं ने न सिर्फ जनकमहल बल्कि तमाम झांकियों के साथ ग्रुप सेल्फी ली। भव्य सजावट के बीच अपने दोस्तों के साथ जमकर सेल्फी लीं। ऊंचे-ऊंचे झूलों पर भी वे सेल्फी के माध्यम से जनकपुरी का विहंगम दृश्य अपने मोबाइल में कैद कर रहे थे। 

झूलों के लिए कम पड़ी जगह
बल्केश्वर के मुख्य पार्क में जनक महल बन जाने के बाद क्षेत्र में झूले और स्टॉल लगाने के लिए जगह कम पड़ गई। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि छोटे-छोटे पार्कों में ऊंचे-ऊंचे झूले लगाने पड़े हैं। यहां भीड़ का दबाव भी अधिक है। 


महिलाएं कर रहीं खरीदारी
जनकपुरी में घरेलू सामान के भी तमाम स्टॉल लगे हैं। ऐसे में महिलाएं जमकर खरीदारी कर रही हैं। घरेलू सामान के अलावा कॉस्मेटिक और घर के साज-सज्जा से जुड़े सामानों की भी स्टॉल लगी हैं। दीवाली को देखते हुए लोग जमकर खरीदारी भी कर रहे हैं।
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