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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Agra IT Raid A pile of notes found in the process of payment

IT Raid: भुगतान के चक्कर में मिला नोटों का जखीरा... इस कारण अटका था लेन-देन; 20 साल पहले आटा चक्की चलाते थे ये

Tue, 21 May 2024 08:15 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 21 May 2024 08:15 AM IST
सार

आगरा में आयर विभाग की कार्रवाई में हरमिलाप ट्रेडर्स के रामनाथ डंग के घर पर मिलीं 53 करोड़ रुपये नोटों की गड्डियां को लेकर नई जानकारी सामने आई है। नोटों की गड्डियां मिलने के सवाल का कारोबारी ने आयकर टीम को जवाब दिया है।

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Agra IT Raid A pile of notes found in the process of payment
Agra IT Raid - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरमिलाप ट्रेडर्स के रामनाथ डंग के घर पर मिले 53 करोड़ रुपये नोटों की गड्डियां देखकर आयकर अधिकारी हैरान हैं। जीएसटी और नोटबंदी के बाद इतनी नकदी आखिर कैसे और क्यों जमा की गई, इसका जवाब रामनाथ डंग ने दिया है। उन्होंने आयकर अफसर को बताया कि पर्ची सिस्टम में शनिवार को भुगतान का दिन होता है। उसी के लिए नकदी इकट्ठा की गई थी, लेकिन 
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आयकर विभाग ने छापा मार दिया।

बताया गया कि हींग की मंडी के जूता कारोबारियों में पर्ची सिस्टम चलता है। जूता कारोबारियों के बीच पर्ची सिस्टम सबसे भरोसेमंद और पुराना है। यह एक प्रकार का समानांतर चेक है जो कारोबारी माल की प्राप्ति के एवज में देते हैं। इसमें भुगतान की अवधि लिखी होती है। पर्ची लेने वाले को दलालों के जरिये इन पर्चियों के खरीदार मिल जाते हैं।
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दलालों के जरिये इन पर्चियों के खरीदार मिल जाते हैं। पर्ची जारी करने वाले की साख एवं पर्ची विक्रेता की जरूरत के मुताबिक छूट तय होती है। जिस पर्ची का भुगतान 120 दिन बाद होना था, वह तुरंत मिल जाता है। ज्यादातर जूता उत्पादक और रॉ मैटेरियल व्यापारी इन पर्चियों को भुनाने के लिए हर शनिवार आते थे। शनिवार को ही जूता कारखानेदार अपने कर्मचारियों को भी भुगतान करते हैं। 
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चुनाव के कारण रुका था भुगतान
लोकसभा चुनाव में आगरा में 7 मई को मतदान के कारण वाहनों की चेकिंग रही थी। नकदी ले जाने वालों की जांच के डर से शनिवार को भुगतान टल रहे थे। मतदान समाप्त हुआ तो नकदी ले जाना शुरू हो गया। इस शनिवार को एक माह से ज्यादा पुछनी पर्चियों वाले भुगतान लेने आने वाले थे। करीब 4 हजार से ज्यादा व्यापारियों की पर्चियां रामनाथ डंग के पास मिली हैं।
 

20 साल पहले चलाते थे आटा चक्की
शू मैटेरियल की ट्रेडिंग का काम करने वाले रामनाथ डंग हींग की मंडी में पर्ची सिस्टम के बड़े कारोबारी हैं। 20 साल पहले तक वह आटा चक्की चलाते थे, लेकिन बाद में अपना सिंथेटिक लेदर, रेग्जीन और फोम का कारोबार शुरू किया। पर्ची सिस्टम में धीमे-धीमे उनकी साख बढ़ती चली गई और अब हींग की मंडी समेत ज्यादातर बाजारों के व्यापारी उनके साथ पर्ची का काम कर रहे हैं।

हरमिलाप सत्संग समिति के नाम पर रखा फर्म का नाम
पंजाबी समाज में करीब 75 साल पुरानी हरमिलाप सत्संग समिति की मान्यता है। इस सत्संग समिति से रामनाथ डंग भी जुड़े हुए थे। इस समिति के नाम पर ही उन्होंने अपनी फर्म का नाम हरमिलाप ट्रेडर्स और न्यू गोविंद नगर स्थित कोठी का नाम जय हरमिलाप जी रखा। यह कोठी करीब आठ साल पहले खरीदी थी। सिंबोजिया स्कूल के मोड़ पर एमजी रोड-2 पर विश्व संवाद केंद्र के सामने स्थित इस कोठी से ही कारखानदारों को जूते के अपर बनाने में इस्तेमाल होने वाली फोम की सप्लाई की जाती थी।
 
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