{"_id":"5b7946ba42c79246494d2a4a","slug":"agra-hotel-owners-can-get-relief-in-ttz","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"टीटीजेड में बड़े होटल निर्माण के लिए खुल सकते हैं रास्ते, आज लखनऊ में होगी बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीटीजेड में बड़े होटल निर्माण के लिए खुल सकते हैं रास्ते, आज लखनऊ में होगी बैठक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 20 Aug 2018 10:38 AM IST
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आगरा में ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में बडे़ होटल निर्माण का रास्ता जल्द खुल सकता है। प्रमुख सचिव (अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास) आरके सिंह के सकारात्sमक रुख से ‘विजन डॉक्यूमेंट’ की सिफारिशों में बदलाव की उम्मीद बढ़ गई है।
शहर के उद्यमियों ने ‘विजन डॉक्यूमेंट’ के लिए अपने सुझाव और टीटीजेड में उपायों को लेकर एक नया ‘डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है। इसे 20 अगस्त को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा किया जाएगा।
स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) ने टीटीजेड के लिए ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है। इसमें 20 कमरों तक के होटल को ग्रीन, 21 से 100 कमरों तक के होटल को औरेंज और 100 से अधिक कमरों के होटल को रेड श्रेणी में रखा गया है। इससे कुछ बड़े होटलों के प्रोजेक्ट लटके हुए हैं। जबकि होटलों से वायु प्रदूषण नहीं होता।
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शहर के उद्यमियों ने ‘विजन डॉक्यूमेंट’ के लिए अपने सुझाव और टीटीजेड में उपायों को लेकर एक नया ‘डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है। इसे 20 अगस्त को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा किया जाएगा।
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स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) ने टीटीजेड के लिए ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है। इसमें 20 कमरों तक के होटल को ग्रीन, 21 से 100 कमरों तक के होटल को औरेंज और 100 से अधिक कमरों के होटल को रेड श्रेणी में रखा गया है। इससे कुछ बड़े होटलों के प्रोजेक्ट लटके हुए हैं। जबकि होटलों से वायु प्रदूषण नहीं होता।
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उद्यमियों का ये है कहना
उद्यमियों का कहना है कि इस स्थिति में होटलों से ताजमहल को कोई नुकसान नहीं हो सकता। रही बात जल प्रदूषण की तो अधिकांश होटल सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगवाए हैं। फिर भी इन्हें रेड श्रेणी में रखा गया है।
इस पर पिछले दिनों प्रमुख सचिव ने भी बैठक में आपत्ति व्यक्त की थी। उन्हीं के सकारात्मक रुख के बाद उद्यमियों ने प्रमुख सचिव के निर्देश पर सुझावों की सूची तैयार की है। इसमें होटलों को रेड श्रेणी से बाहर रखने का सुझाव प्रमुखता से तैयार किया गया है। ऐसे में होटल जगत को राहत मिलने की उम्मीद है।
सिविल एन्क्लेव को अनुमति देने की तैयारी
एक तरफ उद्योगों पर शिकंजा कसा जा रहा है वहीं सरकारी योजनाओं को शुरू कराने के लिए प्रशासन नरम दिख रहा है। पिछले दिनों मंडलायुक्त की अनुपस्थिति में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई टीटीजेड की बैठक में सिविल एन्क्लेव को अनुमति देने पर मंथन हुआ। इसमें अधिकारियों का सकारात्मक रुख था।
बताया जा रहा है कि टीटीजेड प्राधिकरण सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे सकता है। उधर, एडीएफ के सचिव केडी जैन ने बताया कि विजन डॉक्यूमेंट में बदलाव के लिए हमने सुझाव तैयार किए हैं। इन सुझावों के माध्यम से होटल जगत को राहत मिलने की उम्मीद है। 20 अगस्त को लखनऊ में बैठक होगी।
इस पर पिछले दिनों प्रमुख सचिव ने भी बैठक में आपत्ति व्यक्त की थी। उन्हीं के सकारात्मक रुख के बाद उद्यमियों ने प्रमुख सचिव के निर्देश पर सुझावों की सूची तैयार की है। इसमें होटलों को रेड श्रेणी से बाहर रखने का सुझाव प्रमुखता से तैयार किया गया है। ऐसे में होटल जगत को राहत मिलने की उम्मीद है।
सिविल एन्क्लेव को अनुमति देने की तैयारी
एक तरफ उद्योगों पर शिकंजा कसा जा रहा है वहीं सरकारी योजनाओं को शुरू कराने के लिए प्रशासन नरम दिख रहा है। पिछले दिनों मंडलायुक्त की अनुपस्थिति में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई टीटीजेड की बैठक में सिविल एन्क्लेव को अनुमति देने पर मंथन हुआ। इसमें अधिकारियों का सकारात्मक रुख था।
बताया जा रहा है कि टीटीजेड प्राधिकरण सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे सकता है। उधर, एडीएफ के सचिव केडी जैन ने बताया कि विजन डॉक्यूमेंट में बदलाव के लिए हमने सुझाव तैयार किए हैं। इन सुझावों के माध्यम से होटल जगत को राहत मिलने की उम्मीद है। 20 अगस्त को लखनऊ में बैठक होगी।