Agra: ट्रिपल इंजन की सरकार, आगरा उत्सव लटकाया हर बार
इतिहास कमेटी के सदस्य और नगर निकायों के विशेषज्ञ और पत्रकार राजीव सक्सेना के मुताबिक नगर निगम स्वतंत्र निकाय है और जो तारीख मेयर ने तय की, उस पर प्रदेश सरकार की सहमति की आवश्यकता ही नहीं है।
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर शहर से अपना उत्सव मनाने की अपील की। आगरा नगर निगम ने आगरा उत्सव के लिए दो माह पहले शरद पूर्णिमा की तारीख भी तय कर दी, पर यह फिर लटक गया। निगम के अधिकारी अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक तारीख तय करने पर जोर देते रहे, जबकि आगरा पुरातन काल का शहर है, जिसकी स्थापना की अंग्रेजी कैलेंडर से तारीख तय नहीं की जा सकती। निगम द्वारा 9 सदस्यीय इतिहास संकलन समिति ने चार विकल्प दिए थे, जिनमें नगर पालिका की स्थापना 7 अक्तूबर 1863, महर्षि अंगिरा की जयंती, मनकामेश्वर मंदिर और चमकी मेले, महर्षि बाल्मीकि व शरद पूर्णिमा का विकल्प सुझाया गया था।
चार विकल्प दिए
कमेटी के 9 सदस्यों ने शोध, अध्ययन के बाद चार तारीखों के विकल्प नगर निगम को सौंप दिए थे, जिस पर जनता की राय लेकर शरद पूर्णिमा का दिन तय किया गया था। हमारा कार्य सिर्फ उत्सव की तारीखें बताना था। - तरुण शर्मा, सचिव, इतिहास कमेटी
कब होगा पता नहीं
आगरा उत्सव का आयोजन करने के लिए हमारी 9 सदस्यीय कमेटी ने रिपोर्ट मेयर को सौंप दी थी। इस पर बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित था, यह कब होगा, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। - रवि माथुर, पार्षद एवं कमेटी सदस्य
निगम स्वतंत्र निकाय
यहां तो डबल नहीं, ट्रिपल इंजन की सरकार है। नगर निगम स्वतंत्र निकाय है। जो तारीख तय कर दी, उस पर प्रदेश सरकार आपत्ति कैसे जता सकती है। - शिरोमणि सिंह, पार्षद, एवं कमेटी सदस्य
आयोजन फिलहाल नहीं
9 सदस्यों की कमेटी ने जो तारीख तय की, उस पर प्रदेश सरकार तैयार नहीं है। उन्होंने और शोध, अध्ययन के लिए कहा है। रिकॉर्ड मांगा है। फिलहाल शरद पूर्णिमा पर आयोजन नहीं होगा। यह स्थगित कर दिया गया है। - नवीन जैन, मेयर
सहमति की आवश्यकता नहीं
इतिहास कमेटी के सदस्य और नगर निकायों के विशेषज्ञ और पत्रकार राजीव सक्सेना के मुताबिक नगर निगम स्वतंत्र निकाय है और जो तारीख मेयर ने तय की, उस पर प्रदेश सरकार की सहमति की आवश्यकता ही नहीं है। नगर निगम सदन में प्रस्ताव लाकर आगरा उत्सव मनाया जा सकता था। यह पहला आयोजन था, इसलिए अगर बाद में कोई शोध आता भी तो संशोधन करके नई तारीख तय की जा सकती थी। इस बार आगरा डे का महोत्सव मनाया जाना चाहिए था।