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आगरा में सिविल एन्क्लेव के रनवे विस्तार में आई ये अड़चन, इस माह में होना है शिलान्यास

Mon, 11 Jun 2018 03:27 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Mon, 11 Jun 2018 03:27 PM IST
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agra farmers are not ready to give land for civil enclave
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आगरा में सिविल एन्क्लेव के लिए जमीन अधिग्रहण की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। विवादों के चलते एन्क्लेव के लिए पहले प्रस्तावित जमीन में कटौती करनी पड़ी और अब रनवे के विस्तार के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण में अड़चन खड़ी हो गई है। 
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लगभग 26 किसानों से यह जमीन ली जानी है। मगर, वे अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हो रहे। जुलाई-अगस्त में सिविल एन्क्लेव के शिलान्यास की तैयारी है। 

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश सरकार इसकी जल्द शुरुआत कराना चाहती है। दावा किया जा रहा है कि शिलान्यास के बाद 18 महीने में सिविल एन्क्लेव बनकर तैयार हो जाएगा। 
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मगर, इससे पहले जमीन अधिग्रहण की राह में रोड़े खड़े हो गए हैं। एन्क्लेव के लिए करीब 19.82 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। इसमें से करीब 19.33 हेक्टेयर जमीन ली जा चुकी है। 

लेकिन असल मुश्किल रनवे के विस्तार के लिए अधिगृहीत होने वाली जमीन में आ रही है। दरअसल, पिछले दिनों एयरपोर्ट अथॉरिटी ने रनवे के विस्तार का सुझाव दिया था। 

क्योंकि पूर्व में जो रनवे तैयार किया जा रहा था, उस पर एक बार में कई बड़े हवाई जहाजों का संचालन होना मुश्किल था। इसके लिए सदर तहसील के धनौली गांव में 2.5 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है। 

मगर, इन जमीनों के मालिक अपनी जमीन को तैयार नहीं है। तहसील की टीम पिछले कई दिनों से किसानों को मनाने में अपना पसीना बहा रही है लेकिन बात नहीं बन पा रही। 

बाउंड्री के लिए जमीन घेरने का आरोप

कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह रावत ने सिविल एन्क्लेव के लिए जबरन जमीन घेरने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनकी पांच हजार मीटर जमीन पर बिना बैनामा कराए तहसीलदार व लोक निर्माण विभाग द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। 

इस पर बाउंड्री बनाई जा रही है। डीएम से इस बारे में शिकायत भी की लेकिन काम नहीं रुका है। उनका कहना है कि उनके परिजनों की 10 हेक्टेयर जमीन का भी योजना के लिए अधिग्रहण किया गया है। मगर, बैनामा के बाद लगभग 14 करोड़ रुपये का अब तक भुगतान नहीं हुआ है। 
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