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नवरात्र का आखिरी दिन, भंडारा और मौत: दामाद और ससुर की दर्दनाक हादसे में गई जान, एक पल में उजड़ गई दुनिया
Tue, 20 Oct 2026 01:25 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 20 Oct 2026 01:25 PM IST
सार
आगरा-इटावा स्टेट हाईवे पर बसई अरेला के बांके की ठार गांव के पास तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से ससुर श्रीनिवास (60) और दामाद राजेश (42) की मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार गोपाल घायल हो गया। तीनों मातारानी के भंडारे में शामिल होने जा रहे थे।
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मृतकों के परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा-इटावा स्टेट हाईवे पर बसई अरेला के बांके की ठार गांव के पास एक भीषण सड़क हादसे में ससुर और दामाद की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से मंहगोली के श्रीनिवास (60) और उनके दामाद बड़ागांव के राजेश (42) की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा मातारानी के भंडारे में शामिल होने जा रहे दोनों लोगों के लिए काल साबित हुआ, जिससे दो परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं।
फतेहाबाद के पलिया में स्थित श्रीतपसी धाम आश्रम में सोमवार को कन्या पूजन एवं भंडारे का आयोजन था। आश्रम के महंत सुदामादास महाराज ने बताया कि मंहगोली के श्रीनिवास अपने नाती गोपाल और दामाद राजेश के साथ बाइक से भंडारे में शामिल होने के लिए आ रहे थे। इसी दौरान, बसई अरेला के बांके की ठार गांव के पास एक तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। इस टक्कर में राजेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि श्रीनिवास ने आगरा ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
परिजनों के अनुसार, श्रीनिवास पिछले दो साल से बड़ागांव में अपने दामाद राजेश के साथ रहकर बटाई पर खेती कर रहे थे। मातारानी के भंडारे में शामिल होने के लिए तीनों घर से निकले थे। राजेश अपने पीछे पत्नी रेनू, तीन बेटियों और एक बेटे को छोड़ गए हैं। बेटी नंदनी और शिवम की शादी नहीं हुई है, और राजेश परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनकी पत्नी रेनू के सामने बच्चों के भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। वहीं, श्रीनिवास के परिवार में उनकी पत्नी मुन्नी देवी, एक बेटी और चार बेटे हैं। बेटे उमादत्त और बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि गणेश, अशोक और श्यामदत्त अविवाहित हैं। हादसे में घायल हुआ उमादत्त का बेटा गोपाल अस्पताल में भर्ती है।
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बड़ागांव के राजेश की पत्नी रेनू ने बताया कि उन्होंने नवरात्र के नौ दिनों का व्रत रखा था और सोमवार को व्रत का समापन होना था। हवन यज्ञ भी कर लिया था। व्रत तोड़ने से पहले ही उन्हें पति की मौत की खबर मिली, जिससे वे सदमे में हैं। उन्होंने कहा, "हे मां, ये तूने क्या किया, सुहाग उजाड़ दिया।" रेनू के सामने बेटी नंदनी की शादी और बेटे शिवम की परवरिश जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। श्रीनिवास की पत्नी मुन्नी देवी भी अपनी बेटी रेनू के सुहाग उजड़ने से चिंतित हैं और समझ नहीं पा रही हैं कि दोनों परिवारों को कैसे संभाला जाए।
इस दर्दनाक हादसे से मंहगोली और बड़ागांव शोक में डूब गए हैं। श्रीतपसी धाम आश्रम भी इस घटना से दुखी है। बाह की मोर्चरी पर मौजूद परिजन और रिश्तेदार यही कह रहे थे कि मातारानी के भंडारे के बहाने ही दोनों को मौत खींच ले गई। दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है और जो लोग उन्हें ढांढ़स बंधाने पहुंचे थे, वे भी खुद को संभाल नहीं पा रहे थे।
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फतेहाबाद के पलिया में स्थित श्रीतपसी धाम आश्रम में सोमवार को कन्या पूजन एवं भंडारे का आयोजन था। आश्रम के महंत सुदामादास महाराज ने बताया कि मंहगोली के श्रीनिवास अपने नाती गोपाल और दामाद राजेश के साथ बाइक से भंडारे में शामिल होने के लिए आ रहे थे। इसी दौरान, बसई अरेला के बांके की ठार गांव के पास एक तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। इस टक्कर में राजेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि श्रीनिवास ने आगरा ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
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परिजनों के अनुसार, श्रीनिवास पिछले दो साल से बड़ागांव में अपने दामाद राजेश के साथ रहकर बटाई पर खेती कर रहे थे। मातारानी के भंडारे में शामिल होने के लिए तीनों घर से निकले थे। राजेश अपने पीछे पत्नी रेनू, तीन बेटियों और एक बेटे को छोड़ गए हैं। बेटी नंदनी और शिवम की शादी नहीं हुई है, और राजेश परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनकी पत्नी रेनू के सामने बच्चों के भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। वहीं, श्रीनिवास के परिवार में उनकी पत्नी मुन्नी देवी, एक बेटी और चार बेटे हैं। बेटे उमादत्त और बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि गणेश, अशोक और श्यामदत्त अविवाहित हैं। हादसे में घायल हुआ उमादत्त का बेटा गोपाल अस्पताल में भर्ती है।
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बड़ागांव के राजेश की पत्नी रेनू ने बताया कि उन्होंने नवरात्र के नौ दिनों का व्रत रखा था और सोमवार को व्रत का समापन होना था। हवन यज्ञ भी कर लिया था। व्रत तोड़ने से पहले ही उन्हें पति की मौत की खबर मिली, जिससे वे सदमे में हैं। उन्होंने कहा, "हे मां, ये तूने क्या किया, सुहाग उजाड़ दिया।" रेनू के सामने बेटी नंदनी की शादी और बेटे शिवम की परवरिश जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। श्रीनिवास की पत्नी मुन्नी देवी भी अपनी बेटी रेनू के सुहाग उजड़ने से चिंतित हैं और समझ नहीं पा रही हैं कि दोनों परिवारों को कैसे संभाला जाए।
इस दर्दनाक हादसे से मंहगोली और बड़ागांव शोक में डूब गए हैं। श्रीतपसी धाम आश्रम भी इस घटना से दुखी है। बाह की मोर्चरी पर मौजूद परिजन और रिश्तेदार यही कह रहे थे कि मातारानी के भंडारे के बहाने ही दोनों को मौत खींच ले गई। दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है और जो लोग उन्हें ढांढ़स बंधाने पहुंचे थे, वे भी खुद को संभाल नहीं पा रहे थे।